मध्य प्रदेश के एहतेशाम हाशमी ने सुप्रीम कोर्ट में कैब के खिलाफ दाखिल की याचिका

भोपाल। । देशभर में नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हो रहा है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गाए इस बिल के खिलाफ अब लड़ाई कोर्ट तक पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट में अबतक चार याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इसमें एक याचिका मध्य प्रदेश के सीनियर वकील एहतेशाम हाशमी ने भी दाखिल की है। उनके अलावा जमीअत उलेमा-ए-हिन्द, मुस्लिम लीग, महुआ मोइत्रा, और ML शर्मा ने भी दाखिल की है याचिका। 

उन्होंने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि, ‘ भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, कैब जो नया कानून आया है यह हमारे संविधान के आर्टिकल 14 आर्टिकल 15 आर्टिकल 21 का वायलेशन है। और जो हमारे संविधान की प्रस्तावना है कि, हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को : न्याय, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा, उन सबमें व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करनेवाली बंधुता बढाने के लिए, दृढ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर, 1949 ई0 को एतद द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं ‘ के खिलाफ है यह कानून। हमने इन्हीं ग्राउंड पर सुप्रीम कोर्ट में इस बिल को चुनौती दी है।