मप्र: फरवरी में फिर बिगड़ेगा मौसम, दो दिन बाद बरसात के आसार

भोपाल| पश्चिमी हिमालय के राज्यों में ठंडी हवाएँ चल रही हैं, जिसके कारण मध्य प्रदर्श में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। जबकि कुछ जगहों पर दिन और रात के तापमान में लगभग 3 से 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई है| मौसम मॉडल के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों में मध्य प्रदेश के पूर्वी व मध्य भागों में गरज के साथ बारिश होने की उम्मीद हैं|

मौसम विभाग के अनुसार इस बारिश का कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में एक कोन्फ़्लुएन्स जोन को माना जा सकता है। इसके अलावा, बंगाल की खाड़ी में चल रही दक्षिण-पूर्वी आर्द्र हवाएँ उत्तर पश्चिमी से मिलन करेगी, जिसके कारण बारिश की गतिविधियां बढ़ जाएंगी और बादल छाए रहेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार मौसम की गतिविधियाँ 4 फरवरी तक जारी रहेंगी। 3 फरवरी तक कोन्फ़्लुएन्स जोन के बनने से तापमानों में गिरावट दर्ज की जाएगी और न्यूनतम तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी।5 फरवरी तक ठंडी उत्तर पश्चिमी हवाएँ एक बार फिर पूरे मध्य प्रदेश को कवर करेगी। जिससे राज्य में मौसम साफ होने की उम्मीद है।

मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने मौसम के मिजाज की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में कोई वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं है। इस वजह से मौसम साफ है। साथ ही हवा का रुख भी लगातार उत्तरी बना हुआ है। उत्तर भारत से आ रहीं सर्द हवाओं के कारण प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी है। शुक्ला के मुताबिक 3 फरवरी को एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में दाखिल होगा। साथ ही कर्नाटक से मध्य भारत तक एक ट्रफ बनने की भी संभावना है।

उधर उड़ीसा पर एक प्रति चक्रवात भी बनने के आसार हैं। इन सिस्टम के कारण हवाओं का रुख बदलेगा। साथ ही बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी आने का सिलसिला शुरू होगा। इससे 3 फरवरी से प्रदेश में बादल छाने लगेंगे। साथ ही कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बरसात की भी संभावना बनेगी। इस तरह की स्थिति 6 फरवरी तक बनी रह सकती है। जबलपुर, दमोह, उमरिया, सागर, कटनी और मांडला सहित सीधी और सतना में हो सकती है बेमौसम बारिश |