नरोत्तम बोले ‘नरपिशाचो के क्या अधिकार’

भोपाल। हैदराबाद गैंगरेप-मर्डर केस में पुलिस ने चारों आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया है। इस घटना के बाद देशभर में खुशी की लहर है। देश भर से इस घटना को लेकर प्रतिक्रियाएं आ रही है। हर कोई हैदराबाद पुलिस को बधाई दे रहा है। आम आदमी के साथ राजनेता भी पुलिस की प्रशंसा करने में पीछे नहीं हैं। मप्र में भी नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए आरोपियों को उनके कर्मो की सजा मिलने और पीडि़ता को न्याय मिलने पर हर्ष जताया है। 

पुलिस एनकाउंटर में हैदराबाद गैंगरेप-मर्डर केस के चारों आरोपियो की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि मानव अधिकार मानवों के लिए होते है, नर पिशाचों के लिए नहीं। उन्होंने रामायण के बाली वध प्रसंग की चौपाई ‘अनुज बधू भगिनी सुत नारी। सुनु सठ कन्या सम ए चारी॥ इन्हहि कुदृष्टि बिलोकइ जोई। ताहि बधें कछु पाप न होई’॥ का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे यहां रामायण में भी बाली वध पर प्रसंग आया है। हैदराबाद पुलिस को बधाई, जिसका जो स्थान था उसने वो प्राप्त किया। नर पिशाचाों को उस स्थान पहुंचाया, जहां उनकी जगह थी।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी हैदराबाद पुलिस की कार्रवाई पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि पूरे देश ने राहत की सांस ली है। जल्दी न्याय मिला है, उस बेटी के कष्ट की कल्पना कर सकते है जिसके साथ निर्दयता से दुष्कर्म किया और बाद में जिंदा जला दी गई। कितना कष्ट हुआ होगा उस बेटी को उसके कष्ट के सामने तो इनका कष्ट कुछ भी नहीं है। लेकिन देश ने राहत महसूस की है। दुष्टों के साथ दुष्टता का व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने तो प्रदेश में मासूम बेटियों के बलात्कारियों के लिए फांसी की सजा का प्रावधान किया। लेकिन उस कानून पर सवालिया निशान इसलिए है, क्योंकि लोवर कोर्ट ने फांसी की सजा सुना दी, लेकिन एक भी आरोपी फांसी के फंदे पर नहीं चढ़ा। उन्होंने भोपाल की मनुआभान टेकरी मामले में हो रही देरी पर दुख जताते हुए कहा पीडि़त मां आज भी भटक रही है। अब तक डीएनए रिपोर्ट नही आई है। ऐसे मामलों में देरी होती है, तो डर खत्म होता है इसलिए तुरंत न्याय होना चाहिए।