कोरोना वॉरियर्स के सामने गहराया आर्थिक संकट, 2 माह से नहीं मिला वेतन

भोपाल

मध्य प्रदेश सरकार (MP government) ने कोविड महामारी के चलते सैकड़ों की संख्या में जिलों में एएनएम स्टाफ नर्स एवं चिकित्सकों को कोरोना योद्धा के रूप में नियुक्तियां प्रदान की थी। लेकिन कोरोना महामारी में अपनी जान पर खेलकर ड्यूटी निभाने वाली इन कोरोना वॉरियर्स को अब तक वेतन नहीं मिला है।

एएनएम की नियुक्ति 12000 रूपये प्रतिमाह के वेतन पर और स्टाफ नर्स की नियुक्ति 20000 रूपये प्रति माह पर की गई थी। वहीं चिकित्सकों को 25000 रूपये प्रति माह वेतन पर नियुक्त किया गया था। लेकिन इन सभी को पिछले 2 माह से वेतन नहीं मिला है औक इस कारण चिकित्सक, स्टाफ नर्स और एन एम के सामने बड़ी समस्या पैदा हो गई है। इनमें से बहुत सारे संविदा कर्मी दूसरे जिलों से अन्य जिलों में नौकरी पर गए हैं जहां पर वे किराए के मकान में रहते हैं और उन्हें मकान मालिक मकानों से निकालने की धमकी भी दे रहे हैं।

मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के महामंत्री लक्ष्मीनारायण शर्मा ने इस मामले पर अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य को मेल भेजकर अपील की है कि कारोना महामारी में लगे स्वास्थ्य कर्मियों को तुरंत वेतन दिलाया जाए जिससे वे कोरोना योद्धा के रूप में अपने दायित्वों का कुशलता पूर्वक निर्वहन कर सकें। उन्होने कहा कि इन कर्मचारियों के लिए आम लोगों द्वारा तालियां बजाकर पुष्प माला पहनाकर स्वागत किया जा रहा है परंतु इनके भूखे पेट की तरफ देखने वाला कोई नहीं है। बिना वेतन के इनके लिये पूरे समर्पण से अपनी ड्यूटी का निर्वहन मुश्किल होगा और ऐसे संकट के समय सरकार को इनकी इस समस्या के प्रति सबसे पहले ध्यान देना चाहिए।