भोपाल प्रशासन का दावा, होम्योपैथिक पद्धति से कोरोना मरीज ठीक, सामाजिक कार्यकर्ता ने उठाये सवाल

भोपाल| भोपाल (Bhopal) जिला प्रशासन ने दावा किया है कि होम्योपैथिक पद्धति (Homeopathic method) से कोविड पॉजिटिव (Covid Positive) मरीजों के इलाज में बड़ी सफलता मिली है| सोमवार को शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल से 6 कोरोना संक्रमित मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे| इसको लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं| ‘भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन’ की संयोजक रचना ढींगरा ने सवाल उठाते हुए कहा कि आईसीएमआर द्वारा होम्योपैथी से कोरोनावायरस पॉजिटिव मरीजों के उपचार के लिए कब हरी झंडी दी गई है| क्या इन 6 लोगों से पूछा गया था कि वह होम्योपैथी से इलाज कराना चाहते हैं या नहीं| भोपाल जिला प्रशासन ट्रीटमेंट प्रोटोकोल कैसे तय कर सकता है?

रचना ढींगरा ने कहा यह प्रोटोकॉल कब तय हो गया कि कोरोना पॉजिटिव मरीज को होम्योपैथिक इलाज दिया जाएगा| उन्होंने कहा सबसे जरूरी सवाल है क्या जिन मरीजों का इलाज हुआ क्या उनसे इस बारे में पुछा गया था| वहीं उन्होंने बताया कि जहां मरीजों को भेजा जा रहा है वहाँ नॉन कविड मरीज भी एडमिट किये जा रहे हैं| अगर आईसीएमआर ने कोई प्रोटोकॉल तय नहीं किया है तो कैसे होम्योपैथिक पद्धति से कोविड पॉजिटिव मरीजों का इलाज कराया जा सकता है|

जिला प्रशासन ने बताया कि शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल जो कि प्रदेश का पहला होम्योपैथिक अस्पताल कोविड केयर सेंटर के रूप में कार्यरत है। होम्योपैथिक पद्धति से कोविड पॉजिटिव मरीजों के इलाज में बड़ी सफलता हाथ लगी है आज 6 कोरोना संक्रमित मरीज जो 14 मई को भर्ती हुए थे, सभी पूर्णता: स्वस्थ होकर घर लौट रहे है, इनमें 2 बच्चे भी शामिल है जिनके माता-पिता पॉजिटिव थे और इन बच्चो को भी होम्योपैथिक दवा दी गई और 10 दिनों तक अपने माता-पिता के साथ रहने के बावजूद इनमें कोई भी कोरोना के लक्षण नहीं देखे गए। बच्चों को कोई भी एलोपैथिक दवा नहीं दी गई थी, बच्चों को सिर्फ होम्योपैथिक दवा ही दी गई थी।