नीलांबर कोलकाता द्वारा रेणु की कहानी पर संवदिया फिल्म का निर्माण

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। हिंदी के सुप्रसिद्ध कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु का जन्मशताब्दी वर्ष पूरे देश में मनाया जा रहा है। रेणु को केंद्र में रखकर जगह-जगह अनेक कार्यक्रम हो रहे हैं। कोलकाता में भी देश की प्रतिष्ठित साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था नीलांबर ने इस वर्ष अपना वार्षिकोत्सव ‘लिटरेरिया’ मनाया। उसका थीम रखा गया ‘साहित्य का अंचल’ और इसके केंद्र में रहे फणीश्वरनाथ रेणु।

इस अवसर पर संस्था ने रेणु जी की बहुचर्चित कहानी संवदिया पर इसी नाम से फिल्म फ़िल्म बनाना तय किया है। 1966 में रेणु की कहानी ‘तीसरी कसम’ पर बासु भट्टाचार्य के निर्देशन में गीतकार शैलेंद्र ने फिल्म का निर्माण किया था, जिसकी देश-विदेश में काफी चर्चा हुई थी। 2017 में उनकी कहानी पंचलाइट पर पंचलैट फिल्म का निर्माण एवं निर्देशन कोलकाता के प्रेम मोदी ने किया था। इसी कड़ी में नीलांबर कोलकाता ने ‘संवदिया’ को जोड़ दिया है। बता दें कि इसके पहले इस संस्था ने वंदना राग की कहानी ‘क्रिसमस करोल’, चंदन पांडेय की कहानी ‘जमीन अपनी तो थी’, मन्नू भंडारी की कहानी ‘अनथाही गहराइयां’ विनोद कुमार शुक्ल की कहानी ‘गोष्ठी’ पर शॉर्ट फिल्में बनाई हैं, जिन्हें काफी सराहा गया है।

संवदिया में एक संभ्रांत परिवार की बड़ी बहू के अभावग्रस्त जीवन एवं उसकी मनोदशाओं का बहुत ही मार्मिक एवं भावपूर्ण चित्रण किया गया है। साथ ही एक ग्रामजन की ग्राम भावना को भी सुन्दर तरीके से व्यक्त किया गया है। हाल ही में इस फिल्म के कई दृश्यों का फिल्मांकन रेणु के पैतृक गाँव सिमराहा एवं उसके आसपास के अंचलों में किया गया है। सीमित संसाधनों के साथ फिल्म बनाने का चैलेंज नीलांबर संस्था ने लिया है। फिल्म के निर्देशक ऋतेश कुमार ने इस फिल्म के बारे में बात करते हुए बताया कि “हम कहानी को यथासंभव उसके समायकाल और परिवेश में चित्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। यह कहानी 1962 में छपी थी। 2020 में 1960 के आसपास के समय को दिखाना अपने आप में एक बड़ी चुनौती है। कथा में जिस तरह से हवेली तथा अन्य स्थानों का जिक्र आया है, उन्हें देखना-दिखाना आसान नहीं और अगर हम कहानी को आज के समय में दिखाते हैं तो कहानी का वही प्रभाव नहीं रहेगा, वह मूर्खतापूर्ण भी लगेगा”। इस फिल्म के कलाकारों में मृणमोई विश्वास, दीपक ठाकुर, विमलेश त्रिपाठी, आशा पांडेय, पूनम सिंह एवं आदित्य प्रियदर्शी शामिल हैं. फिल्मांकन विशाल पांडेय का है। यह फिल्म रेणु के आगामी जन्मदिवस पर 4 मार्च 2021 को रिलीज होगी। ये जानकारी नीलांबर के उपसचिव एवं मीडिया प्रभारी आनंद गुप्ता ने दी।