BMHRC में दवाओं के लिए बजट नहीं, टूर्नामेंट पर फिजूल खर्च

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भोपाल। राजधानी के भोपाल गैस राहत अस्पताल में मरीजों को दवा मुहैया करवाने के लिए लाले पड़े हैं। लेकिन अस्पताल प्रबंधन के पास फिजूल खर्ची के लिए खूब पैसा है। अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजन दवाओं के अभाव में बाहर से महंगी दवाएं खरीद कर लाने पर मजबूर हैं। अस्तृपताल के पास फिलहाल दवाओं के लिए बजट नहीं है। लेकिन विडंंबना देखिए यही प्रबंधन शनिवार को अस्पालत में लाखोंं रूपए खर्च कर क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित करवा रहा है। जिसे लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं। 

दरअसल, अप्रैल में अस्पताल प्रबंधन ने एक आदेश जारी कर क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए प्रस्तावित बजट की रूपरेखा पेश की थी। इसमें आठ टीमों को खेल के लिए आमंत्रित किया गया है। जिसमें प्रति टीम 11 हजार की एंट्री फीस के तौर पर देना है।  इसके अलावा कुल 1 लाख 14 हजार रुपए क्रिकेट टूर्नामेंट पर विभिन्न खर्चे के लिए दर्शाए गए हैं। जिसे लेकर सवाल उठने लगे हैं। BMHRC अस्पताल में गैस पीड़ितों को प्रिस्क्रिप्शन अनुसार दवाइयां देने के लिए बजट की कमी हो गई  है। डाक्टरों द्वारा आए दिन गैस पीड़ितों को दवाइयाँ बाहर से लिखी जा रही है। जब कोई  उपकरण खराब होता है तो वह सही होने में बहुत समय लगता है। जब तक यह कहकर बात को टाल दिया जाता है कि फिलहाल अस्पताल के पास बजट नहीं है। यहां तक की सूई और बैंडेज तक मरीजों को खुद के रूपए से लेकर आना पड़ रहा है। ऐसे में मरीज काफी समस्यओं से जूझ रहे हैं। लेकिन प्रबंधन को दवा से अधिक खेल पर खर्च करना सही लग रहा है। बीएमएचआरसी के निदेशक डॉ प्रभा देसिकान ने इस टूर्नामेंट के लिए यह राशि जारी की है। जबकि अस्पताल हाल बेहाल है।