अब उपचुनावों के बाद ही चुना जाएगा पीसीसी चीफ, ये है बड़ा कारण

भोपाल।मध्यप्रदेश में कांग्रेस का नया अध्यक्ष कौन होगा ,लंबे समय से यह राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल मुख्यमंत्री कमलनाथ ही इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं और उनके नेतृत्व में कांग्रेस झाबुआ में भाजपा से सीट छीन कर कांतिलाल भूरिया को चुनाव जिता चुकी है। अब ऐसे समय में, जब सत्ता और संगठन में समन्वय के लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक समन्वय कमेटी बना दी है, फिलहाल कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव टलता नजर आ रहा है ।हालांकि बीते दिनों कमलनाथ के मंत्री भी इस बात का संकेत दे चुके है।

जौरा में कांग्रेस विधायक बनवारी लाल शर्मा और आगर मालवा में भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल के निधन के कारण खाली हुई विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव जून माह तक हो जाएंगे। कांग्रेस हर हाल में इन दोनों उपचुनावों को जीतना चाहेगी और ऐसी स्थिति में कॉन्ग्रेस नया पीसीसी चीफ बनाकर इस समय कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है। हालांकि सिंधिया समर्थक लगातार इस बात को लेकर दबाव बना रहे हैं कि ज्योतिरादित्य को ही कांग्रेस की कमान सौंपी जाए, वहीं दूसरी ओर कांतिलाल भूरिया को आदिवासी प्रदेश अध्यक्ष के रूप में प्रोजेक्ट करने का भी विचार कई बार आ चुका है और आदिवासी विधायक बिसाहू लाल सिंह भी अपनी दावेदारी ठोक चुके हैं और सारे आदिवासी विधायकों के समर्थन का दावा भी कर चुके हैं ।लेकिन अब लगता नहीं कि फिलहाल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के बारे में कोई निर्णय उपचुनाव से पहले हो पाएगा।

कमलनाथ के मंत्री दे चुके है संकेत
बता दे कि बीते दिनों इंदौर में कैबिनेट मंत्री जीतू पटवारी ने कहा था कि सीएम कमलनाथ ही मध्यप्रदेश पीसीसी के चीफ हैं ।आगामी दिनों में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव को कांग्रेस पार्टी कमलनाथ के नेतृत्व में ही लड़ेगी। वही कैबिनेट मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और बाला बच्चन ने भी बयान दिया था कि निकाय चुनाव कमलनाथ नाथ जी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। चुनाव में छह महिने का समय है ऐसे में बीच में उपचुनाव होने की संभालवा है। यानि उपचुनाव और निकाय चुनाव से पहले पीसीसी चीफ का फैसला नही हो सकता है।

दौड़ में सिंधिया सबसे आगे
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अब तक ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम प्रबल दावेदारों में गिना जा रहा था। लेकिन राज्यसभा के लिए भी उनकी दावेदारी मानी जा रही है। सूत्रों की माने तो सिंधिया का राज्यसभा जाना तय है। इसके अलावा कमलनाथ कैबिनेट के कुछ मंत्रियों का नाम भी पीसीसी चीफ की दौड़ में है।बीते कई महिनों से कांग्रेस में पीसीसी चीफ को लेकर घमासान मचा हुआ है। नेता एक के बाद एक दावेदारी पेश कर पार्टी की मुसीबतें बढ़ा रहे है। इसको लेकर दिल्ली में कई बैठके भी हो चुकी है लेकिन अबतक कोई फैसला नही लिया गया है। हालांकि अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम तेजी से चल रहा है।समर्थक इसको लेकर भोपाल से दिल्ली तक कई बार मांग उठा चुके है।