भोपाल।
मध्यप्रदेश में एक बार फिर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की स्थिति बन गई है। बीजेपी के दिग्गज नेता और आगर से विधायक मनोहर ऊंटवाल के निधन के बाद मध्यप्रदेश में एक और सीट खाली हो गई है।इससे पहले मुरैना जिले की जौरा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक बनवारी लाल शर्मा का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। बनवारी लाल और ऊंटवाल के निधन से बीजेपी और कांग्रेस की एक सीट और कम हो गई है। अब इन दोनों सीटों पर उपचुनाव होगा।वही फिर से कांग्रेस और बीजेपी की अग्नि परीक्षा होगी।

दरअसल, बीते 15 साल में भाजपा सरकार के दौरान प्रदेश में 31 उप चुनाव हुए हैं। बहुत कम समय ऐसा रहा है जब विधानसभा सत्र में विधायकों की संख्या पूरी रही हो। एक बार फिर सदन में विधायकों की संख्या 228 हो गई। कांग्रेस सरकार बनने के बाद झाबुआ और छिंदवाड़ा में उप चुनाव हुए और अब जौरा और आगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होंगे।दोनों दिग्गज नेताओं के निधन के बाद कांग्रेस बीजेपी को बडा झटका लगा है।लेकिन अबतक का इतिहास रहा है जब जब उपचुनाव हुए है कांग्रेस ने बाजी मारी है, भले ही सरकार बीजेपी की क्यो ना हो।हाल ही में छिंदवाड़ा और झाबुआ में कांग्रेस ने शानदार जीत दर्ज की थी।इसके पहले जब प्रदेश में बीजेपी की सरकार थी तब कांग्रेस ने विपक्ष में रहने के बावजूद शिवपुरी, कोलारस और अटेर की जीत दर्ज की थी।इतना ही नही जौरा विधानसभा सीट को लेकर तो बीजेपी और कांग्रेस ने तैयारियां भी शुरु कर दी है। इस सीट पर बीजेपी हर हाल में जीत दर्ज करवाने में जुटी हुई है।बीजेपी झाबुआ उपचुनाव की हार को जौरा की जीत से बराबर करना चाहती है। वही बीजेपी नेताओं द्वारा भी उपचुनाव से पहले जीत को लेकर बड़े बड़े दावे किए जा रहे है।

वर्तमान में विधानसभा में सीटों की संख्या
मध्यप्रदेश विधानसभा में कुल 230 सीटें हैं, लेकिन नेताओं के निधन के बाद इसमें कांग्रेस के पास 114 और भाजपा के पास 107 सीटे रह गई है। इसके अलावा कांग्रेस को चार निर्दलीय, दो बसपा और एक सपा विधायक का समर्थन है। ऐसे में कांग्रेस फिर अल्पमत में आ गई है, हालांकि एक निर्दलीय विधायक के मंत्री होने से कांग्रेस वर्तमान में 115 की स्थिति में है।

16 सालों में अबतक इन सीटों पर हो चुके है उपचुनाव
2004 से जिन स्थानों पर उपचुनाव हुए हैं, वे हैं नोहटा, बालाघाट, बुधनी, बड़ा मल्हारा, पधाना, उदयपुरा, शिवपुरी, लांजी, समवेर, गोहद, तेंदूखेड़ा, सोमखेत, कुक्षी, जेब्रा, महेश्वर, विदिशा, बहोरीबंद, विजयराघौगढ़, आगर, गरोठ, देवास, मैहर, घोड़ाडोंगरी, नेपानगर, बांधवगढ़, अटेर, चित्रकूट, मुंगावली, छिंदवाड़ा और झाबुआ।