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भोपाल।

कर्जमाफी के बाद अब सहकारी समितियों के माध्यम से मिलने वाले कर्ज में गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा के मामले सामने आने के बाद  सरकार ने अफसरों को सख्ती बरतने को कहा है। प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने अफसरों को निर्देश दिए है कि किसानों की लंबित शिकायतों की तेजी से जांच की जाए। वही लापरवाह लोगों पर मामले दर्ज किए जाए। सरकार के निर्देश के बाद अधिकारी-कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है, चुंकी अब तक इस मामले में 23 पर एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।

दरअसल, जय किसान फसल ऋण मुक्ति योजना लागू करने के बाद जब किसानों के रिकॉर्ड सार्वजनिक किए गए तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा सामने आया है।किसानों ने सहकारी समितियों से कर्ज लिए बिना कर्जमाफी की सूची में नाम आने और कर्ज में कम राशि लेने के बावजूद बड़ी रकम बकाया होने पर आपत्ति जताई और इस मामले मे शिकायत की गई। अफसरों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जब जांच की तो पाया कि 11 जिलों की 34 समितियों में गड़बड़ियां सामने आई ।जिसके बाज समितियों के 53 पदाधिकारी, अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। लेकिन अब भी बड़े स्तर पर फर्जीवाडे के आसार नजर आ रहे है, जिसके चलते सरकार ने सख्ती से अफसरों को इन शिकायतों की जांच करने को कहा है।

सरकार ने दोषी लोगों पर कार्रवाई करने की निर्देश दिए है।अबतक इस मामले में  23 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, लेकिन अब भी ३१६ शिकायतें लंबित है ,जिनकी जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि जांच के घेरे में कई अधिकारी और कर्मचारी भी आ सकते है। वही सरकार ने निर्देश के बाद समितियों मे हड़कंप मचा हुआ है।