शहडोल कलेक्टर को किस आधार पर दी क्लीनचिट, कांग्रेस ने उठाये सवाल

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भोपाल। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता एवं चुनाव आयोग कार्य प्रभारी जे.पी. धनोपिया ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि शहडोल कलेक्टर एवं डिप्ट कलेक्टर को किस आधार पर क्लीनचिट दी गई है। जबकि शहडोल में ईवीएम देरी से स्ट्रांग रूप में जमा की गई थीं। उन्होंने खुरई, अनूपपुर सहित अन्य विधानसभा क्षेत्रों में मतदान के उपरांत देरी से स्ट्रांग रूम में जमा कराई गई ईवीएम मशीनों की फोरेंसिक जांच कराने की मांग मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से की है। 

धनोपिया ने शिकायत में कहा कि शहडोल की जैतपुर विधानसभा क्षेत्र में कांगे्रस प्रत्याशी उमा धुर्वे को षड्यंत्रपूर्वक पराजित कराने वाली शहडोल कलेक्टर अनुभा श्रीवास्तव और डिप्टी कलेक्टर पूजा तिवारी के मध्य वाट्सएस पर हुई वातार्लाप और शासकीय अधिकारियों का खुलकर राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने वाले आचरण के संबंध में पुलिस थाना शहडोल में एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस द्वारा जांच की कार्यवाही की जा रही हैं। भाजपा के पक्ष में कार्य करने वाले शहडोल कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा क्लीन चिट दिया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है। कांगे्रस ने इस प्रकरण पर अपनी आपत्ति जाहिर की है। इन अधिकारियों द्वारा कांगे्रस प्रत्याशी को हराकर भाजपा को लाभ पहुंचाया है, जिसकी अपूर्णीय क्षति कांगे्रस पार्टी को हुई है। धनोपिया ने आगामी न्यायालयीन प्रक्रिया की कार्यवाही करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा उक्त संबंध में भेजी गई रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की है।