खुशहाल नौनिहाल अभियान, एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

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भोपाल : कमिश्नर कल्पना श्रीवास्तव ने कहा है कि खुशहाल- नौनिहाल यानि भोपाल को बाल भिक्षामुक्त् बनाने के लिए सर्वे और पुनर्वास की मुहिम समानांतर रूप से चलती रहेगी । उल्लेखनीय है कि भोपाल संभाग अंतर्गत बाल भिक्षावृत्ति उन्मूलन हेतु खुशहाल नौनिहाल अभियान का संचालन जिला प्रशासन एवं जिले की विभिन्न स्वयं सेवी संगठनों के माध्यम से किया जा रहा है । आज संभागायुक्त सभागार में सम्पन्न हुई एक दिवसीय वर्कशाप में महिला बाल विकास के आयुक्त श्री एम.बी.ओझा, यूनिसेफ के प्रतिनिधि भी सम्मिलित हुए ।

 अभियान की शुरूआत भोपाल जिले से 8 मार्च 2019 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिव�� के अवसर पर जिला बाल संरक्षण इकाई एवं स्वयं सेवी संगठनों के संयुक्त सर्वे दल द्वारा सर्वे कार्य किया जाकर की गई थी । सर्वे दल द्वारा भोपाल जिले में विभिन्न स्थानों जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड, चौराहों आदि जगहों पर सर्वे किया जहां 145 बच्चे या तो अकेले या परिवार के साथ भिक्षावृत्ति करते पाये गये । इस प्रकार भोपाल संभाग अंतर्गत कुल 242 बच्चे या परिवार सर्वे में चिन्हांकित किये गये 

कमिश्नर ने पिछले डेढ़ माह में अभियान के अब तक किए गए प्रयासों की सराहना की । श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि यूनीसेफ सहित अन्य संस्थाओं द्वारा दी गई एडवायजरी को भी अभियान में सम्मिलित किया जाएगा । उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वे और उनके पुनर्वास के सभी काम एक साथ चलने के फिलहाल बेहतर नतीजे मिले  हैं । उन्होंने अशासकीय संगठनों और सरकारी विभागों द्वारा खुशहाल नौनिहाल अभियान को चुनौती के रूप में लेकर सुखद परिणामों की ओर अग्रसर करने पर उनका आभार भी व्यक्त किया । बाल भिक्षावृत्ति के क्षेत्र में विगत 15 वर्षों से कार्यरत चेतना, स्वयं सेवी संगठन द्वारा भिक्षावृत्ति एवं पुनर्वास के क्षेत्र में अपने अनुभव सांझा किये । 

कार्यशाला में चेतना, स्वयंसेवी संगठन, नईदिल्ली के संचालक श्री संजय गुप्ता द्वारा कार्यशाला में उपस्थित सदस्यों/ अधिकारियों को सर्वे में प्राप्त बालको के वैयक्तिक देखरेख योजना एवं परिवारों की सामाजिक जांच विवेचना को किस प्रकार तैयार करना है, के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई । श्री संजय गुप्ता द्वारा कार्यशाला में बताया गया कि वैयक्तिक देखरेख योजना एवं सामाजिक जांच रिपोर्ट के आधार पर बालक या परिवार की आवश्यकता अनुसार शासन के विभिन्न विभागों की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है । कार्यशाला में एक्टिविटी के माध्यम से भी भिक्षावृत्ति में संलग्न बालकों के पुनर्वास के संबंध में चर्चा की गई । कार्यशाला में उपस्थित सदस्यों को समूह में विभाजित कर समूह चर्चा की गई एवं समूह चर्चा उपरांत पुनर्वास कार्यक्रम तैयार किया गया । उनके द्वारा कार्यशाला में उपस्थित सदस्यों/ अधिकारियों को सर्वे में प्राप्त बालकों के वैयक्तिक देखरेख योजना एवं परिवारों की सामाजिक जांच विवेचना को किस प्रकार तैयार करना है, के संबंध में चर्चा की ।

कार्यशाला में उपस्थित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा अपने विभागों में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया गया । कार्यशाला में आयुक्त महिला एवं बाल विकास विभाग एवं संभागीय आयुक्त, भोपाल संभाग द्वारा भोपाल संभाग के जिलों में भिक्षावृत्ति उन्मूलन हेतु जिला प्रशासन एवं स्वयं सेवी संगठनों द्वारा किये गये प्रयासों की सराहना की गई । कार्यशाला में विभिन्न विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी, संयुक्त संचालक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला भोपाल, रायसेन, विदिशा, सीहोर, बाल कल्याण समिति, जिला भोपाल के सदस्य एवं भोपाल जिले में कार्यरत विभिन्न स्वयं सेवी संगठन, चाईल्ड लाईन, रेलवे चाईल्ड लाईन, यूनीसेफ आदि सम्मिलित हुए । 

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