भोपाल। जय किसान फसल ऋण माफी योजना में जो किसान पहले शामिल नहीं हो पाए उन्हें सरकार ने एक और मौका दिया है। ऐसे किसान 31 जनवरी क कर्जमाफी का आवेदन कर सकते हैं। आवेदकों को गुलाबी रंग का फार्म (पिंक फार्म) भरना होगा। इसका परीक्षण जिला स्तरीय समिति करेगी। इसके बाद कर्जमाफी का लाभ देने का नीतिगत निर्णय लिया जाएगा।
दरअसल, जय किसान फसल ऋण माफी योजना के अंतर्गत उन किसानों की कर्जमाफी का लाभ दिया गया था, जिन पर 31 मार्च 2018 की स्थिति में सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, राष्ट्रीकृत बैंक का 02 लाख रुपए तक का कर्ज है। उक्त योजना के तहत बीते साल किसानों से आवेदन लिए गए।  इसी बीच प्रदेश में कई किसानों ने कर्जमाफी का लाभ नहीं मिलने का दावा किया, जिसके पीछे किसानों द्वारा आवेदन करना ही नहीं पाया गया। इसीलिए ऐसे किसानों से फिर से कर्जमाफी के लिए आवेदन करवाया जा रहा है।  कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ के पास कई ऐसे आवेदन पहुंचे हैं, जिनमें बताया गया कि वे प्रक्रिया को समझ नहीं पाए और फार्म जमा नहीं किए। ऐसे मामलों पर एक बार फिर विचार करने का निर्णय लिया गया है। सभी समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रक्रिया से छूट गए किसानों के फार्म लें और उन्हें परीक्षण के लिए भेजें।

कर्जमाफी के लिए आवेदन करने से चुके किसानों के आवेदन का परीक्षण होगा, यदि सभी कुछ पात्रता के दायरे में आता है तो फिर ऐसे किसानों की सूची बनाकर कृषि विभाग को भेजी जाएगी। । किसानों को पिंक रंग का फार्म भरना होगा। इसका मतलब यह होगा कि इनके बारे में निर्णय जांच के बाद लिया जाएगा। फिर देखा जाएगा उन्हें किस तरह शामिल किया जाए।

कर्जमाफी के दूसरे चरण में अब तक 11 हजार 44 किसानों के चालू खातों के 80 करोड़ रुपए से ज्यादा की कर्जमाफी स्वीकृत की जा चुकी है। वहीं, पहले चरण के लंबित 629 प्रकरणों को भी स्वीकार करते हुए एक करोड़ 90 लाख रुपए की कर्जमाफी देने का निर्णय लिया गया है। इसे मिलाकर अब तक प्रदेश में आठ लाख 53 हजार चालू खातों पर दो हजार 68 करोड़ और नौ लाख 43 हजार एनपीए प्रकरणों के चार हजार 799 करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया जा चुका है।