MP: इन सीटों पर BJP के बागियों का बोलबाला, बिगड़ सकते हैं समीकरण

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भोपाल। मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने सभी सीटों पर भाजपा ने 28 सीटों पर कांग्रेस का एलान कर दिया है| बीजेपी ने अभी इंदौर सीट होल्ड रखी है। हालांकि, उस पर भी एक दो दिन में फैसला लिया जाएगा। जिन सीटों पर बीजेपी ने टिकटों का ऐलान किया है उनमें से कई सीटों पर विरोध शुरू हो गया है। वहीं, कुछ सीट पर तो बीजेपी से इस्तीफा देकर निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो गए हैं। 

2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने मोदी लहर में कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया था। 29 सीटों में से बीजेपी ने 27 पर कब्जा किया था। हालांक, मोदी लहर से पहले भी बीजेपी को मध्य प्रदेश से काफी अच्छी सीटों पर जीत हासिल होती रही है।  2014 में कांग्रेस की लाज बचाने में सिर्फ ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ कामयाब हुए थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को उम्मीदवार तय करने में काफी माथापच्ची करनी पड़ी और अभी भी इंदौर सीट पर फैसला नहीं हो सका है। वर्तमान सांसदों के टिकट कटने से पार्टी में हड़कंप मच गया है साथ ही  जिन वर्तमान सांसदों के टिकट कटे हैं उनमें से कई ने बगावत कर पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। 

बालाघाट से वर्तमान सांसद बोध सिंह भगत का टिकट कटने से वह नाराज हो गए और उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया। यही नहीं उन्होंने पार्टी के आला नेताओं के दबाव के बाद भी नामांकन वापस नहीं लिया। बीजेपी ने बालाघाट से इस बार ढाल सिंह को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर राजनीतिक के जानकारों का कहना है कि समाजवादी पर्टी और बीजेपी में सीधा मुकाबला है। शहडोल में भी कुछ ऐसे ही हालात हैं, बीजेपी ने यहां से वर्तमान सांसद ज्ञान सिंह का टिकट काटकर उनकी जगह कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुई हिमाद्री सिंह को उम्मीदवार बनाया है। ज्ञान सिंह ने नाराज हो कर उनका विरोध किया फिर कहा कि वह उनके लिए क्षेत्र में प्रचार नहीं करेंगे। हालांकि, वह निर्दलीय चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। लेकिन उनकी नाराजगी से स्थानीय कार्यकर्ताओं में गलत संदेश गया है जो चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा सीधी, टीकमगढ़, मुरैना, भिंड, खजुराहो और सागर में भी प्रत्याशी घोषित किये जाने के बाद बवाल शुरू हो गया है| सागर में वर्तमान सांसद की टिकट कटने के बाद समर्थकों ने पार्टी के इस फैसले का विरोध किया है| 

इसके अलावा, कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची ने भी हैरान किया है। उदाहरण के लिए, देवास, जहां कांग्रेस ने प्रसिद्ध लोक गायक प्रहलाद सिंह टिपानिया को तो बीजेपी प्रत्याशी पूर्व न्यायाधीश महेंद्र सिंह सोलंकी के खिलाफ एक  मैदान में उतारा है। सीधी में, भाजपा उम्मीदवार रीति पाठक को अपनी पार्टी के भीतर नेताओं के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। यहां कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के बेटे अजय सिंह को उम्मीदवार बनाया है। इसी तरह, सतना में, गणेश सिंह को भी अपनी ही पार्टी के विरोध का सामना करना पड़ा।