संगठन में बदलाव की ओर दोनों दल, कांग्रेस जिला अध्यक्षों पर गाज गिरना तय

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भोपाल। लोकसभा चुनाव के बाद अब दोनों दल अपने संगठन में बड़े बदलाव करने के मूड में हैं। बीजेपी नगरीय निकाय चुनाव को देखते हुए अपनी टीम में फेरबदल करने वाली है। वहीं, कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद अब उन जिला अध्यक्षों पर गाज गिरना तय है जिनके क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी बीजेपी से बड़े अंतर में हारे हैं। सूत्रों के मुताबिका पार्टी ऐसे जिलाध्यक्षों की छुट्टी करने वाली है। वहीं, बीजेपी मोदी लहर में मजबूत हुई भाजपा अब संगठनात्मक चुनाव और सदस्यता अभियान की नब्ज टटोल रही है।

बीजेपी कार्यकर्ताओं को मिला यह लक्ष्य

लोकसभा चुनाव शानदार प्रदर्शन करने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और संगठन को पार्टी द्वारा नया लक्ष्य दिया गया है। हालांकि इससे पहले पार्टी पूरे देश में सदस्यता अभियान चलाएगी। पार्टी के संविधान के मुताबिक, हर मंडल पर संगठन चुनाव पूर्ण करने के लिए पहले 20 प्रतिशत सदस्यों की संख्या बढ़ाना जरूरी है। पिछली बार भाजपा ने प्रदेश में एक करोड़ दस लाख सदस्य बनाकर नया कीर्तिमान रचा था, लेकिन सत्यापन के बाद सदस्यों की संख्या घटकर 53 लाख रह गई थी। अगर भाजपा सभी मंडलों में चुनाव कराती है तो नियमानुसार उसे पूरे प्रदेश में लगभग साढ़े दस लाख नए सदस्य बनाना होंगे।

पार्टी का सदस्यता अभियान जून के आखिरी हफ्ते में शुरू हो सकता है। पूरे देश में सदस्यता अभियान को पूरा करने में दो से तीन महीने लग सकते हैं, लेकिन मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में सदस्यता अभियान जल्दी भी समाप्त होने की उम्मीद है। सदस्यता अभियान में 20 फीसदी नए सदस्य बनाना भाजपा के लिए चुनौती रहेगा। पार्टी की नजर 18 से 20 साल के नए मतदाताओं पर है। पांच साल में प्रदेश में लगभग 40 लाख नए मतदाता बने हैं। लोकसभा चुनाव के आंकड़े बताते हैं कि मोदी लहर में युवा वोट भाजपा के खाते में गया है। ऐसे में भाजपा इन नए मतदाताओं को पार्टी से जोडऩे के लिए अभियान चला सकती है।

राहुल की टीम कर रही वन टू वन चर्चा

कांग्रेस अब हर लोकसभा क्षेत्र की अलग-अलग समीक्षा कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ���े दूत के रूप में एआइसीसी के सचिव प्रदेश में बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और नेताओं से हार के कारणों के साथ ही सुझाव भी लिए जा रहे हैं। इन्हीं के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार होगी। राष्ट्रीय सचिव सुधांशु त्रिपाठी ने पीसीसी में बुंदेलखंड की सीटों के विधायकों और हारे हुए उम्मीदवारों के साथ बैठक की। वहीं, संजय कपूर इंदौर में मालवा क्षेत्र की सीटों की समीक्षा कर रहे हैं।