Madhya Pradesh : 25 नवंबर से धान की खरीदी , तैयारियां शुरु, 15 अक्टूबर तक पंजीयन

मध्यप्रदेश में 25 नवंबर से धान खरीदी का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इसे लेकर सरकार ने तैयारी करना शुरू कर दिया है। वहीं पंजीयन का काम 15 अक्टूबर तक होगा।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश उपचुनाव (Madhya Pradesh By-election) की सियासी सरगर्मियों के बीच किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है। गेहूं खरीदी में देशभर में परचम लहराने के बाद अब प्रदेश की शिवराज सरकार ने धान की खरीदी (paddy purchase) की तैयारियां शुरु कर दी है। धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी के लिए 25 नवंबर से खरीदी का सिलसिला शुरू किया जाएगा। वहीं पंजीयन का काम 15 अक्टूबर तक होगा।खास बात ये है कि राज्य सरकार द्वारा इस बार समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी  की जाएगी। पंजीयन कराने वाले किसान धान को समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर बेच सकेंगे।

दरअसल, गेहूं खरीद का रिकॉर्ड बनाकर पंजाब को भी पीछे छोड़ने के बाद अब सरकार धान की भी अब तक की सबसे बड़ी खरीद करने की तैयारी में जुटी है। सरकार ने इस साल 40 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य तय किया है।मध्यप्रदेश में 25 नवंबर से धान खरीदी का सिलसिला शुरू हो जाएगा। वहीं पंजीयन का काम 15 अक्टूबर तक होगा।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान  (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने कृषि, सहकारिता और खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए सावधानियों पर जोर दिया जाए। इस बार प्रदेश में 145 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बोवनी की गई है। सोयाबीन के बाद धान का रकबा सर्वाधिक है, ऐसे में सरकार ने 40 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है, ताकी किसानों को बड़ी राहत मिल सके।

गौरतलब है कि  हाल ही में गेहूं खरीदी में मध्य प्रदेश  ने नया रिकॉर्ड बनाया था। पंजाब को पीछे छोड़ते हुए समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन (Wheat Procurement) में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर प्राप्त किया था। मध्यप्रदेश में करीब 1 करोड़ 27 लाख 67 हजार 628 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। देश के सभी राज्यों द्वारा कुल उपार्जन गेहूँ का 33 प्रतिशत मध्यप्रदेश में उपार्जन किया गया था। पूरे देश में 3 करोड़ 86 लाख 54 हजार मेट्रिक टन गेहँ का उपार्जन किया गया था। पिचले साल की तुलना में मध्यप्रदेश में गेहूँ उपार्जन में 74 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष मध्यप्रदेश में 73.69 लाख गेहूँ का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया गया था।