भोपाल| पुलिस महानिदेशक के लिए यूपीएससी की कमेटी ने तीन नाम का पैनल तय कर दिया है, जिसमे वर्तमान डीजीपी वीके सिंह, डीजी होमगार्ड मैथलीशरण गुप्ता और डीजी बीएसएफ विवेक जौहरी शामिल हैं। वीके सिंह इनमें सबसे वरिष्ठ है, इसलिए डीजीपी के लिए वीके सिंह की दावेदारी मजबूत है| मुख्यमंत्री कमलनाथ इस पर अंतिम रूप से निर्णय लेंगे|  दिल्ली में संघ लोक सेवा आयोग के चेयरमैन केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों और मुख्य सचिव के बीच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश अनुसार बैठक कर मध्य प्रदेश के डीजीपी पद के लिए उपयुक्त अधिकारियों के नाम पर चर्चा की गई| 

इस बैठक में 84 से 86 बेच के सभी 29 आईपीएस अफसरों के नाम रखे गए यूपीएससी ने इसमें से तीन नामों के पैनल को मंजूरी दे दी है| मध्य प्रदेश में हाल ही में प्रशासनिक महकमे में कई विवाद सामने आये, जिसमे वीके सिंह का नाम भी उछला और सहयोगी अफसरों से उनके रिश्ते कमजोर हुए|  यूपीएससी के पैनल में कुछ नए विकल्प सामने आने की संभावना थी, लेकिन जो विकल्प सामने आए हैं, उसने सरकार को पशोपेश में डाल दिया है। तीन नामों में किसे राज्य का डीजीपी बनाना है यह निर्णय मुख्यमंत्री का होता है| राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में मुख्य सचिव ही बैठक में शामिल होते हैं, बाकी यूपीएससी और केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारी रहते हैं| हालांकि इस प्रक्रिया को औपचारिकता और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन माना जा रहा है, क्योंकि डीजीपी वीके सिंह वरिष्ठता में नंबर एक पर है और साढ़े नौ माह से कार्य कर रहे हैं| उल्लेखनीय है की सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार डीजीपी की कंफर्म नियुक्ति तभी मानी जाती है, जब यूपीएससी द्वारा क्लीयर करने के बाद सरकार द्वारा आदेश जारी किया जाए, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह परंपरा बंद हो गई थी|