किसान को जिंदा फूंकने वालों को नहीं तलाश सकी दो जिलों की पुलिस टीमें

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भोपाल। बैरसिया पुलिस की नाकामी से एक निर्दोश को जान से हाथ धोना पड़ा है। गुरुवार को बैरसिया इलाके के एक किसान को विदिशा के दो लोगों ने बोलेरो कार से अगवा किया था। मुख्य आरोपी को संदेह था कि  किसान पुत्र उनकी बेटी को अपने साथ भगाकर ले गया है। 36 घंटे तक बदमाश उसे अपने साथ लेकर भटकते रहे। आरोपियों ने इस दौरान लगातार अगवा किसान के परिजनों को कॉल कर धमकाया। उनकी मांग थी की लड़की उन्हें जल्द नहीं सौंपी गई तो अपह्त किसान को मौत के घाट उतार दिया जाएगा। इसके बाद में शनिवार की शाम को अपह्त किसान को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए विदिशा और भोपाल पुलिस की आधा दर्जन टीमें खाक छान रही हैं। वहीं आज सुबह बॉडी का पीएम विदिशा में शुरू करा दिया गया है। मृतक के परिजनों ने उसकी शिनाख्त कर ली है।

जानकारी के अनुसार पप्पू उर्फ  पर्वत सिंह (40) ग्राम बाबचिया बैरसिया में रहते हैं। वह खेती किसानी का काम करते हैं। उनके दो पुत्र हैं, बड़े बेटे कपिल सिंह विशकर्मा का विदिशा के पीतलमिल निवासी एक युवती से मेलजोल था। लड़की की हाल ही में शादी हुई थी शादी के बाद वह विदिशा अपने मायके आई थी। इसी दौरान कोई उसे भगा ले गया। इसके बाद युवती के पिता संदेही कपिल विश्वकर्मा के बैरसिया स्थित घर जा धमका। जब युवक नहीं मिला तो उसके पिता को ही उठा लिया गया। बदमाश पर्वत को लेकर 36 घंटे तक भटकते रहे। बद में विदिशा के ग्राम करैयाखेड़ा में उसे जिंदा जलाकर शव को फैंक दिया। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। विदिशा के सिविल लाइन थाने के टीआई राजेश सिन्हा का कहना है कि आज सुबह मृतक के परिजनों ने बॉडी की शिनाख्त कर ली है। शव का पीएम शुरू करा दिया गया है। हत्या का प्रकरण लड़की के पिता महेंद्र यादव और उसके चालक गोविंद के खिलाफ दर्ज किया जा रहा है। वहीं बैरसिया थाने की पुलिस ने इस मामले को हल्के में लेते हुए घटना के आठ घंटे बाद में प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस को पर्वत की लोकेशन गुरूवार की देर रात मिल चुकी थी। टीम भी बैरसिया रवाना की गई थी। हालांकि पुलिस उसे मुक्त नहीं करा सकी थी। अब टीआई एसएन सिन्हा प्रकरण में कुछ भी कहने से बचते दिख रहे हैं। इधर अधिकारी उनकी लापरवाही से खासे नाराज हैं। हत्या कांड के बाद में टीआई पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।