परीक्षा में फेल शिक्षकों की नौकरी पर संकट, हो सकते हैं बाहर

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भोपाल । दक्षता परीक्षा में किताब रखकर भी पास नहीं होने वाले शिक्षकों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है| शिक्षा विभाग अब उनके  खिलाफ कड़े कदम उठा सकता है| इन्हे विभाग द्वारा एक और अंतिम मौक़ा दिया जाएगा, इसके बाद भी अगर यह शिक्षक पास नहीं हो पाते हैं तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है| उनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्यवाही की जा सकती है| इसके संकेत प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा रश्मि अरूण शमी ने जेडी व डीईओ की बैठक में दिए हैं।

दरअसल, इस बार कक्षा 10वीं का परिणाम अपेक्षा अनुसार नहीं आया, जिसके बाद पूरे प्रदेश के रिजल्ट विश्लेषण के बाद विभाग ने तीस फीसदी से कम रिजल्ट देने वाले शिक्षकों की गत 12 जून को 10वीं में 0-30 प्रतिशत परीक्षा परिणाम वाले शिक्षकों के लिए दक्षता परीक्षा आयोजित की गई थी|  इसमें प्रदेश भर में करीब साढ़े तीन हजार शिक्षक शामिल हुए। हैरानी की बात यह थी कि इस परीक्षा में शिक्षकों को किताब रखने की सुविधा भी दी गई थी। इसके बावजूद कई शिक्षक फेल हो गए, वहीं परीक्षा देने ही नहीं पहुंचे और बहिष्कार कर दिया| इससे शिक्षा विभाग के उद्देश्य पर भी पानी फिर गया| इन शिक्षकों के 32 प्रतिशत से कम अंक आए है। 16 फीसदी शिक्षक पचास फीसदी से कम अंक ला पाए हैं। जबकि 79 फीसदी शिक्षकों को 51 फीसदी से अधिक अंक आए है| इसे देखते हुए प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा रश्मि अरूण शमी ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दे दिए है कि ऐसे शिक्षकों को दोबारा मौक़ा दिया जाए और  इसके लिए तीन माह की तैयारी का समय भी दिया जाए। तीन माह बाद दोबारा परीक्षा होगी। बावजूद इसके पास नहीं होते, तो उन्हें नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है| 

शिक्षा विभाग ने जिस उद्देश्य के साथ इस परीक्षा का आयोजन किया था उस पर पानी फिर गया, क्यूंकि कई जगह शिक्षक परीक्षा देने नहीं पहुंचे और परीक्षा का बहिष्कार कर दिया|  शिवपुरी में 254 शिक्षकों में मात्र सात शिक्षक ही परीक्षा देने पहुंचे। रायसेन में 166 शिक्षकों ने परीक्षा का बहिष्कार किया। यह देखते हुए संभाग के संबंधित संयुक्त संचालक ने शिवपुरी के चार शिक्षकों को निलंबित कर अन्य शिक्षकों पर वेतनवृद्धि रोकने व रायसेन में तीन शिक्षकों को निलंबित कर 98 शिक्षकों की तीन-तीन वेतनवृद्धि रोकने के नोटिस जारी किए थे। प्रमुख सचिव ने साफ कहा कि जिन शिक्षकों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं, उनके खिलाफ कार्यवाही भी की जाए।