जनसंपर्क मंत्री की कड़ी कार्रवाई, अधिकारी को पद से हटाया

भोपाल।

मध्यप्रदेश के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने अपने विभाग के एक अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। दरअसल विभाग की मासिक पत्रिका संदेश में एक लेख प्रकाशित हुआ था जिसमें “महात्मा जिंदा है “के नाम से शीर्षक से नाथूराम गोङसे की व्यथा और चरित्र को समझाने की कोशिश की गई थी।

इस लेख में महात्मा गांधी के बारे में कम और नाथूराम गोडसे के बारे में ज्यादा छपा था ।पढ़ने पर ऐसा लग रहा था कि इस लेख के माध्यम से नाथूराम गोडसे का चरित्र चित्रण किया जा रहा हो। लेख में यह भी लिखा था कि स्कूल के दिनों में गोडसे महात्मा गांधी का अनुयाई था और वह मानता था कि कुछ मामलों में महात्मा गांधी काफी सही है। लेकिन बाद में उसने सोचा कि गान्धी हिंदुओं के बारे में कभी गहराई से नहीं सोचते।

सविनय अवज्ञा आंदोलन में उसने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया ।’व्हाय ई किल्ड गांधी लाइफ ‘नाम की पुस्तक के अनुसार गोङसे का मानना था कि देश का बंटवारा करवाने में महात्मा गांधी का बड़ा योगदान था। हैदराबाद की एक स्वतंत्र लेखिका द्वारा लिखे गए इस लेख में यह भी लिखा गया है कि गोडसे की गोलियों से गांधी मरे नही। गांधी एक विचार है जो कभी मर नहीं सकता। लेकिन साथ ही यह भी लिखा है कि गोडसे भी एक विचार है और इसीलिए वह भी नहीं मरा। आखिर में लिखा है कि फैसला हमें करना है कि दिमाग और समाज दोनों में गांधीजी के विचार को बढ़ावा दें या गोडसे के। इस पत्रिका संदेश के संपादक मनोज खरे को इस लेख के छपने के बाद में जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने तत्काल पद से हटा दिया है और उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया है कि आखिर उन पर कार्रवाई क्यों न की जाए।