लॉकडाउन में पान मसाला परिवहन की परमिशन पर सवाल, सीएम साहब कार्रवाई कब

इंदौर।आकाश धोलपुरे। गुटखा किंग किशोर वाधवानी की गिरफ्तारी के बाद इस खेल के तार अब इंदौर प्रशासन से जुड़ते नजर आ रहे है। लॉक डाउन के बीच पान मसाला के परिवहन की प्रशासनिक अनुमति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं| 21 मई को इस सम्बन्ध में जनसंपर्क आफिस ने प्रेस नोट जारी किया था, वहीं इंदौर कलेक्टर द्वारा आदेश जारी कर अनुमति दी गई| इस आदेश पर सवाल उठ रहे हैं| वरिष्ठ आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा इस मामले में अब तक कार्रवाई न किये जाने पर सवाल उठाये हैं|

अजय दुबे ने फेसबुक पर लिखा-‘मुख्यमंत्री जी, 21 मई को इंदौर जनसंपर्क आफिस ने प्रेस नोट जारी कर पान मसाला के परिवहन की अनुमति की सूचना दी थी और इसके अलावा इंदौर कलेक्टर का पान मसाला आदेश जारी हुआ था जो सार्वजनिक हो चुका है लेकिन आपकी कार्यवाही का आदेश अभी तक जन्म नही ले पाया। यह सब जानते हैं कि #कोरोना के लॉक डाउन में दवा/सब्जी/फल और राशन अत्यंत आवश्यक वस्तुओं में थी न कि पान मसाला और उसके पैसे को दुबई और पाकिस्तान भेजना’|

लॉकडाउन के दौरान भी गुटखा किंग बाधवानी की फैक्ट्री निर्बाध चलती रही, इतना ही नहीं बल्कि ट्रकों से सामान की आवाजाही जारी रही, जानकार बताते हैं कि इस गोरखधंधे को इंदौर में जिला प्रशासन के शीर्ष अफसरों से लेकर नीचे तक के अमले की मिलीभगत से अंजाम दिया गया है| गुटखा किंग से कलेक्टर की बार बार बात होने का मामला भी चर्चा में है| वहीं लॉक डाउन के दौरान कलेक्टर इंदौर ने पान मसाला परिवहन व स्थानांतरण की छूट किस आधार पर दी। इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं| कलेक्टर मनीष सिंह का एक आदेश वायरल हुआ है, इस आदेश में जिला प्रशासन द्वारा जिले की नगर निगम सीमा क्षेत्र के पान मसाले होलसेलरों और फुटकर विक्रेताओं को पान मसाला व कच्चा सामान इंदौर जिले और जिले के बाहर भेजने की अनुमति दी गई है। अलग-अलग विक्रेताओं को अलग-अलग अनुमति दी गई। अनुमति सुबह 11 से शाम 5 बजे तक की थी। आदेश के अनुसार अनुमति पान मसाला स्थानांतरण की थी। किसी भी स्थिति में पान मसाले का विक्रय और वितरण नहीं कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री जी 21 मई को इंदौर जनसंपर्क आफिस ने प्रेस नोट जारी कर पान मसाला के परिवहन की अनुमति की सूचना दी थी और इसके…

Ajay Dubey द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 21 जून 2020