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भोपाल। पूरे देश में चुनावी माहौल है। लोकतंत्र के सबसे बड़े महापर्व पर नई सरकार को चुनने के लिए देश में चुनाव हो रहे हैं। चुनाव आचार संहिता का असर प्रदेश में अब बॉलीवूड गानों पर भी दिखाई दे रहा है। फिल्मों के कई गाने ऐसे हैं जिनमें राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न के नाम के बोल होते हैं। ऐसे में रेडियों पर यह गाने बीते दो महीने से सुनाई नहीं दे रह हैं। 

दरअसल, आकाशवाणी आपकी फरमाइश कार्यक्रम में श्रोताओं को ऐसे गानों को सुनाने से मना कर रहा है, जिसमें किसी राजनीति दल के चुनाव चिन्ह का जिक्र आता है। यही नहीं, उन फिल्मी कलाकारों से जुड़े गानों को भी नहीं सुनाया जा रहा है, जो चुनाव लड़ रहे हैं या किसी राजनीतिक दल से जुड़े हैं। प्रति रविवर आकाशवाणी पर सुबह  9.30 बजे फरमाइश कार्यक्रम आता है। जिसके लिए प्रदेश भर के श्रोता अपनी पसंद के गाने की फरमाइस करते हैं। ऐसी ही फरमाइश शिवपुरी के रहने वाले मनोज नाम के युवक ने की थी। उसने पत्र लिख कर ‘फूल तुम्हे भेजा है खत में, फूल नहीं मेरा दिल है…’ सुनाने के लिए पत्र लिखा था। लेकिन इस गाने में राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह का जिक्र आता है इसिलए इस गाने को नहीं बजया गया। शनिवार रात को फिरोज खान पर केंद्रित फिल्मों के गीतों का प्रसारण हुआ। पर इनमें उनका सबसे लोकप्रिय गाना- ‘ तेरे चेहरे में वो जादू है…’ नहीं सुनाया गया, क्योंकि उस गाने में हेमा मालिनी प्रमुख कलाकार थीं।

ये गाने नहीं सुनाए जा रहे 

1982 में आई प्रेमरोग फिल्म का गाना- भंवरे ने खिलाया फूल, फूल को ले गया राजकुंअर… 

2004 में आई वीरजारा का गाना- तेरे हाथ में मेरा हाथ हो…

1982 में आई विधाता का गाना- हाथों की चंद लकीरों का…

इन कलाकारों पर भी रोक 

अभिनेत्री से नेता बनी जयाप्रदा, हेमा मालिनी, उर्मिला मातोंडकर, अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा, राजब्बर, सन्नी देओल, मनोज तिवारी, गायक दलेर मेहंदी, हंसराज हंस आदि से जुड़े गानों को आकाशवाणी नहीं सुना रहा है।