सत्ता के लालच में पथ भ्रष्ट होते जा रहे हैं संत

-Ramsarupacharya

भोपाल।  लोकसभा चुनाव में नेताओं के प्रचार में संतों के उतरने पर कामदगिरि पीठाधीश्वर रामस्वरूपाचार्य महाराज ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सत्ता के लालच में कई संत पथ भ्रष्ट होते जा रहे हैं।  महत्वाकांक्षा और लालच ही संतों के पतन का कारण बन रही है। ऐसे संत, संत नहीं हैं। वे संतों का अभिनय करने वाले अभिनेता हैं।

अशोकनगर। जिले के नईसराय कस्बे के डुंगासरा पठार पर 1212 कुंडीय महायज्ञ में आए कामदगिरि पीठाधीश्वर रामस्वरूपाचार्य महाराज ने पत्रकारों से चर्चा में नेताओं के लिए काम करने वाले संतों पर कटाक्ष किए। उन्होंने भोपाल से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के प्रचार में संतों के जुटने और एक साधु द्वारा अग्नि समाधि लेने संबंधी बयान पर कहा कि कई संत सत्ता के लालच में पथभ्रष्ट होते जा रहे हैं। यह संत समाज के लिए अच्छी बात नहीं है। मोदी सरकार को लेकर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में देश में धर्म विरोधी कार्य नहीं होंगे। साथ ही पाकिस्तान जैसा देश कभी हावी नहीं होगा। अयोध्या मामले पर उन्होंने कहा कि जल्द ही अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनेगा। ऐसा उन्हें विश्वास है। जहां संविधान होता है, वहीं भगवान का वास भी होता है। देश की सर्वोच्च संस्था सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल मामला लंबित है, लेकिन इसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का अस्तित्व नकारकर उन्हें काल्पनिक मानने वालों को यह देश छोड़ देना चाहिए। भारतवर्ष भगवान राम और श्रीकृष्ण की भ��मि है। ऐसे में जिनके हृदय में भगवान नहीं हैं, उन लोगों का हमारे देश में क्या काम। इस तरह की बात कहने वाले लोगों के पास दृष्टि तो है, लेकिन दृष्टिकोण नहीं है। जिस व्यक्ति के पास दृष्टिकोण नहीं होता, वह अपने माता-पिता को भी शक की नजरों से देखता है।