सरकार ने रातो-रात हटाई संघ की सुरक्षा, शिवराज बोले-सब नेताओं की भी हटाएंगे क्या ?

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भोपाल ।

लोकसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार द्वारा रातों-रात मध्यप्रदेश के संघ कार्यालय से सुरक्षा हटाए जाने के बाद से सियासत गर्मा गई है।भाजपा लगातार कांग्रेस पर हमले बोल रहे है। वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव और बाबूलाल गौर के बाद  पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस ने निशाना साधा है। शिवराज ने कहा कि अगर चुनाव में बल की आवश्यकता है तो क्या सरकार नेताओं की सुरक्षा भी हटाएंगी..।

शिवराज ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है संघ ने कभी सुरक्षा नहीं मांगी ।संघ किसी की सुरक्षा का मोहताज नहीं है।हमारी सरकार को लगा था कि कुछ आतंकवादी संगठनों से खतरा है इसलिए हमने सुरक्षा प्रदान की थी लेकिन कांग्रेस की सरकार ने बिना कारण बताए सुरक्षा हटा ली।   

कांग्रेस का कहना है कि चुनाव में बल की आवश्यकता है, इसलिए सुरक्षा हटाई गई है, मैं कहता हूं चुनाव में अगर बल की जरूरत है तो सब नेताओं की सुरक्षा हटाएंगे क्या ? 

शिवराज यही नही रुके उन्होंने आगे कहा इस तरह की दुर्भावना सुरक्षा के मामले में रखना , यह घटिया फैसला है छोटे मन का प्रतीक है ।लेकिन सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए सरकार बदलने से क्या सुरक्षा बदलती है मैं निंदा भी करता हूं , और यह अपेक्षा भी करता हूं , कोई संगठन या व्यक्ति हो सुरक्षा के मामले में कम से कम सरकार अपनी जवाबदारी निभाएगी।

ईंट से ईंट बजा देंगें-गोपाल भार्गव

भाजपा के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने ट्वीट कर नाराजगी जताई है। भार्गव ने ट्वीट कर लिखा है कि भोपाल स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय से सुरक्षा का हटाया जाना कमलनाथ का बेहद ही निंदनीय कदम है। कांग्रेस द्वारा शायद फिर किसी हमले की योजना बनाई गई है। अगर  किसी स्वयंसेवक को खरोंच भी आई तो कांग्रेस सरकार की ईंट से ईंट बजा दी जाएगी।

सभी मंत्रियों की भी सुरक्षा हटाए सरकार-बाबूलाल गौर

वही पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने भी इस पर सवाल खड़े किए है।गौर ने कहा कि संघ ने सुरक्षा नही मांगी थी। अगर कांग्रेस ने सुरक्षा दी थी तो जारी रखना था। मंत्रियों के यहां भी सुरक्षा व्यवस्था है तो संघ कार्यालय से क्यों हटाई। चुनाव आयोग को आवश्यकता थी तो सभी मंत्रियों क��� यहां से भी सुरक्षा हटानी थी। वही दिग्विजय सिंह द्वारा इस फैसले को गलत बताने पर गौर ने कहा कि उनका बहुत धन्यवाद वो समझदार व्यक्ति है। भारत की वो संस्थान जो पाकिस्तान के विरोधी है उनपर टारगेट है। संघ पाकिस्तान का सबसे बड़ा विरोधी है। कांग्रेस की पूरी छवि हिन्दू विरोधी है, चाहे राहुल हो जा दिग्विजय सिंह।जय जय श्रीराम कहने से पाप नही धुलते।

ये है पूरा मामला

दरअसल, सोमवार रात राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ई-2 अरेरा कॉलोनी स्थित कार्यालय समिधा से सुरक्षा-व्यवस्था हटा दी है। यहां दस साल पहले यानी 2009 से एसएएफ की एक- चार की गार्ड तैनात थी। समिधा के सामने सड़क के किनारे एसएएफ SAF का टेंट लगा हुआ था। सोमवार रात 9:30 बजे अचानक एसएएफ का कैंप हटना शुरू हुआ और रात 11 बजे तक जवान अपना सामान लेकर चले गए। पुलिस मुख्यालय ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के भोपाल स्थित राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ मुख्यालय समिघा से सोमवार को सुरक्षा हटा ली। यहां 15 साल से एसएएफ का अस्थायी कैंप तैनात था। 2003 में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ये व्यवस्था लगाई थी।