MP : 18 फरवरी को विधानसभा के बाहर बड़ा प्रदर्शन करेगा सपाक्स

Sapaks-will-perform-big-outside-the-assembly-on-February-18-in-mp

भोपाल।

मोदी सरकार द्वारा सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने का लाभ गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मिलना शुरू हो गया है। लेकिन मध्य प्रदेश में अब भी सवर्णों को इसका इंतजार है। प्रदेश में इसको लेकर अभी कोई शुरुआत नही की गई है, जिसके कारण लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।  भाजपा सांसद भगीरथ प्रसाद और करणी सेना के बाद अब सपाक्स में इसे लेकर आक्रोश व्याप्त हो गया है और उन्होंने कमलनाथ सरकार को उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। सपाक्स 18  फरवरी को बजट सत्र के दौरान सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वाली है।इसमें सपाक्स के सहयोगी दलों के अलावा सामान्य वर्ग के लोग भी शामिल होंगे।

दरअसल, सपाक्स का आरोप है कि वर्तमान सरकार को भी सत्तारूढ़ हुए लगभग 2 माह व्यतीत होने को है, परन्तु वह सपाक्स समाज के गंभीर मुददों पर चुप है, ऐसी स्थिति में हमें उनके सम्मुख एक जोरदार प्रदर्शन करना आवश्यक हो गया है ताकि उन्हें भी यह ज्ञात हो सके कि सपाक्स वर्ग के लोग अभी भी जागृत हैं तथा संघर्ष करने को तत्पर हैं। अब हम कभी भी अन्याय सहन नहीं करेंगे।अतः यह आवश्यक हो गया है कि इस संबंध में राज्य सरकार को जगाया जाए। इसी के चलते  प्रदेश में 10 प्रतिशत आरक्षण लागू न करने और सपाक्स कर्मचारी संगठन को मान्यता नहीं देने के विरोध में सपाक्स कार्यकर्ता 18 फरवरी को विधानसभा के समक्ष विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसमें सपाक्स के सहयोगी दलों के अलावा सामान्य वर्ग के लोग भी शामिल होंगे। बता दे कि 18  से विधानसभा का बजट सत्र शुरु होने जा रहा है जो 21  फरवरी तक चलेगा।

बता दे कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए लाया गया संविधान विधेयक लोकसभा में पारित होने के बाद  गुजरात, उप्र सहित कई अन्य राज्यों में इसे लागू कर दिया गया है।लेकिन एक महीने से ज्यादा बीत जाने के बाद भी अब तक कमलनाथ सरकार ने इसे प्रदेश में लागू नहीं किया।जिसको लेकर जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है।  हाल ही में भाजपा सांसद भगीरथ प्रसाद ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर इसे लागू ना करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके पहले करणी सेना भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की बात कह चुकी है।ऐसे में अब विधानसभा सत्र के दौरान सपाक्स का यूं सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना सरकार को भारी पड़ सकता है। बताते चले कि सपाक्स शिवराज सरकार के दौरान भी कई आंदोलन, प्रदर्शन कर चुकी है।