बच्चों की फरियाद, ‘मुख्यमंत्रीजी.. स्कूल के सामने से हटवाएं शराब दुकान, डर लगता है”

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भोपाल। प्रदेश में नई आबकारी नीति को लेकर हो रही राजनीति के बीच प्रदेश के स्कूली बच्चों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को चिट्ठी लिख स्कूलों के सामने खुली शराब दुकानों को हटाने की मांग की है।बच्चों का कहना है कि शराब पीकर लोग झगड़ते है, गाली-बकते है, हमें इनसे डर लगता है आप दुकानों को हमारे स्कूल के सामने से हटवाईए।इससे पहले भी कई स्कूली बच्चे कमलनाथ को पत्र लिख चुके है, हालांकि शराब दुकानों को हटाने की मांग को लेकर पहली बार बच्चों ने कमलनाथ को पत्र लिखा है। फिलहाल सीएमओ या कमलनाथ की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नही आई है।

दरअसल , मध्यप्रदेश के बैतूल जिले कुछ स्कूली बच्चों ने सीएम कमलनाथ को पत्र लिखकर स्कूल के सामने शराब की दुकानों के हटाने की मांग की है।बैतूल के  विनोबा नगर के प्राइमरी और मिडिल स्कूल के बच्चों ने को पत्र लिख इन दुकानों को वहां से हटवाने की मांग की है।चौथी क्लास की मासूम बच्ची ने लिखा कि हमारे स्कूल के पास शराब पीकर कुछ लोग झगड़ा करते हैं। हमें स्कूल आने और छुट्टी के समय जाने में डर लगता है। यहां से शराब दुकान हटाई जाए। वही 5वीं क्लास की एक अन्य छात्रा ने लिखा कि शराब को बुराई के रूप में बताया जाता है। स्कूल के पास शराब दुकान है इसीलिए हटाना चाहिए।  मिडिल स्कूल के अन्य बच्चों ने भी शराब दुकान के आसपास काफी डर लगने और लड़ाई- झगड़े होने की बात सीएम को पत्र लिखकर बताई। ।बताया जा रहा है सेंट्रल स्कूल के सामने की एक शराब की दुकान है जहां लोग शराब पीकर गाली-गलौच करते है, नशे में धुत लोगों के झगड़ों क़ॉलोनी में भी झगड़ा होता है, जिससे परिजन अपने बच्चों को बाहर निकलने से भी मना कर देते है।   इधर सेंट्रल स्कूल प्रबंधन ने अब तक शराब दुकान हटाने के लिए पत्राचार शुरू नहीं किया। जबकि केवी संचालन के पहले किसी भी समय दिल्ली की टीम आ सकती है और केवी के नए भवन का शुभारंभ शराब दुकान के कारण अटक सकता है।

पहले भी बच्चे लिख चुके है कमलनाथ को पत्र

इसके पहले  8 वीं कक्षा के छात्र हिमांशु ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को एक पत्र लिखकर समस्या का निराकरण करने के लिए कहा था।  हिमांशु ने सीएम कमलनाथ को चिट्ठी लिखी थी कि वो डीजे के शोर से परेशान है। रात 10 बजे के बाद प्रतिबंध के बाद भी डीजे पर बजता रहता है, आप उस पर रोक लगवाइए। इस पर मुख्यमंत्री ने  कमलनाथ ने मामले को संज्ञान में लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए थे। वही  उन्होंने प्रदेश के सभी कलेक्टरों से इस संबंध में कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए थे।वही हाल ही में इंदौर के नेहरू स्टेडियम के प्रशासन द्वारा कब्जा करने पर खेल गतिविधियां ठप हो गई थी। जिस पर 6 माह से बैडमिंटन की प्रैक्टिस से महरूम बिचौली मर्दाना की मासूम ईवा शर्मा ने अफसरों को गुहार लगाई पर जवाब नहीं मिलने पर प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी। सोशल मीडिया पर वायरल हुई चिट्ठी को सीएम कमलनाथ ने गंभीरता से लिया और कलेक्टर से चर्चा कर अन्य जगह व्यवस्था के निर्देश दिए। कुछ देर में ईवा को सूचना मिली, कलेक्टर लोकेश जाटव ने खिलाडि़यों की प्रैक्टिस के लिए एसजीएसआइटीएस के बैडमिंटन हॉल को 2 घंटे के लिए खोलने का निर्णय लिया।