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भोपाल। मध्य प्रदेश के स्कूलों में शिक्षिकाओं के छु्ट्टी पर जाने से पढ़ाई चौपट हो गई है। करीब दस हजार शिक्षिकाएं चाइल्ड केयर लीव पर हैं। राज्य में पहले से ही शिक्षा का स्तर खराब है ऐसे में परीक्षा के समय टीचर्स के छुट्टी पर चले जाने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई स्कूल महज एक-दो शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं। 

दरअसल, छुट्टी का कोटा साल भर का खत्म होने के चलते शिक्षिकाएं अपने परिवार के साथ देश-विदेश की यात्रा कर रही हैं। इनमें से ज्यादातर तो चाइल्ड लीव केयर पर हैं। बोर्ड एग्जाम के अलावा अन्य कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। शिक्षकाओं की कमी को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षिकाओं को तुरंत वापस लौटने के आदेश दिए हैं। विभाग ने आदेश जारी कर 10 के बाद की छुट्टियों को कैंसल कर दिया है। और तत्काल शिक्षिकाओं को स्कूल लौटने के लिए  कहा गया है। शिक्षिकाओं की कमी का खुलासा उस वक्त हुआ जब अधिकारियों ने स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। स्कूल खाली देख अफसरों को होश उड़ गए। जब उन्होंने पूछताछ की तो पता चला प्रदेश भर की शिक्षिकाएं छुट्टी पर हैं। इनमें से ज्यादातर चाइल्ड लीव केयर पर गईं हैं। ऐसे में स्कूल शिक्षा विभाग ने तत्काल तमाम शिक्षिकाओं की छुट्टियां 10 जनवरी से निरस्त करने के आदेश दिए हैं. शिक्षा विभाग ने महिला शिक्षकों को तुरंत स्कूल आने का आदेश भी जारी किया है और स्कूल नहीं पहुंचने वाली टीचर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस तरह परीक्षओं से पहले छुट्टी पर चले जाने पर शिक्षिकाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।