सिंधिया ने प्रियंका गांधी को पार्ट टाइम नेत्री कहा तो भड़की कांग्रेस, सीएम शिवराज ने किया पलटवार, कमलनाथ ने दिया जवाब

MP Election 2023 Priyanka Gandhi, Jyotiraditya Scindia

MP Election 2023 : मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 विधानसभा सीटों पर कल 17 नवंबर को मतदान होगा, सुबह 7 बजे से मतदाता अपने विशेष अधिकार का उपयोग करने के लिए मतदान केन्द्रों की तरफ रवाना होगा, चुनाव प्रचार थम चुका है लेकिन सियासी पारा अभी भी चढ़ा हुआ है। प्रचार के अंतिम दिन कल बुधवार को प्रियंका गांधी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को अहंकारी कहते हुए उनके परिवार पर तंज कसा तो सिंधिया ने प्रियंका को पार्ट टाइम नेत्री कहकर नेहरु गांधी परिवार के काम याद दिला दिए। अब जब सिंधिया ने प्रियंका को पार्ट टाइम नेत्री कहा तो कांग्रेस भड़क गई और उसने सिंधिया पर बड़ा हमला किया है।

सुप्रिया श्रीनेत ने सिंधिया पर किया पलटवार 

कांग्रेस की सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म की अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने सिंधिया के ट्वीट पर पलटवार करते हुए एक बड़ा सा ट्वीट किया, उन्होंने लिखा –  श्रीमान सिंधिया जी, प्रियंका गांधी जी पार्ट-टाइम नेत्री हैं या फुल टाइम ये तो आप प्रधानमंत्री जी से पूछिए जिनकी बोलती उन्होंने बार बार बंद कर दी है।

जहां तक आपके परिवार के सपूतों की बात रही, तो उसका उल्लेख तो ख़ुद मोदी सरकार की आज़ादी के अमृतमहोत्सव की वेबसाइट ने किया था, यह कह कर कि जयाजीराव सिंधिया अंग्रेज़ों से मिले हुए थे जब रानी लक्ष्मी बाई ने अपने प्राणों की आहुति दी, यह अलग बात है कि इस खबर के मेरे और  अन्य लोगों द्वारा सार्वजनिक करने के कुछ ही देर में आपने वो पेज वेबसाइट से हटवाया था, तो सवाल यह नहीं है कि हम क्या बोलते और सोचते हैं, चिंता तो आपको यह करनी चाहिए कि आपके आका और आपकी सरकार आपके परिवार के बारे में क्या सोचती है।

आपके बाक़ी अनर्गल आरोप तो उन्हीं whatsapp पर आये ज्ञान का हिस्सा हैं जिनको आपने अब तक अच्छे से रट लिया है। जिस परिवार से इतनी दिक़्क़त थी, उसके चलते तो आप राजनीति में आये और इतनी ही तकलीफ़ थी तो सत्ता की मलाई चाटते वक़्त यह बातें याद नहीं आयीं?

पंडित नेहरू के बारे में बोलने से पहले यह बताइए कि मोदी इतना रोते क्यों हैं? देश के प्रथम प्रधानमंत्री ब्रिटिश हुकूमत के 200 साल बाद जब देश आज़ाद हुआ तो सीधे राष्ट्र निर्माण में जुट गये, ग़ुलामी का रोना नहीं रोया। जिन इंदिरा जी का ज़िक्र करने लायक़ आप हैं नहीं हैं उन्होंने लाख विदेशी ताक़तों के विरोध के बावजूद पाकिस्तान के दो टुकड़े करके विश्व का भूगोल बदला, PM मोदी की तरह फ्री में बिरयानी खाने लाहौर नहीं लपकी चली गयीं थीं।

और जिस राहुल गांधी के चलते आप सत्ता में आगे बढ़े उन्होंने आपकी तरह अपने उसूलों का गला घोंट कर दुम दबा कर सत्ता के लोभ में पाला नहीं बदला, बल्कि सच बोलने की भारी क़ीमत चुकाई और इस देश को जोड़े रखने के लिए 4000 किलोमीटर पैदल नाप दिये।

सूपड़ा किसका साफ़ होगा यह जनता दिखा देगी, लगता है दल बदलने के बाद अपने संभाग के चुनावी नतीजे आप भूल चुके हैं, बाक़ी, भाजपा में आपको कितना स्नेह मिल रहा है, वो सबके सामने है. अपनी जगह बनाने की नाकाम कोशिशों और आपसी द्वन्द से निपटने के लिए मेरी शुभकामनाएँ. वैसे सुन नहीं पायेंगे जो भाजपाई आपके बारे में कैमरा बंद होने के बाद कहते हैं।

 

शिवराज ने किया ट्वीट – प्रियंका गांधी जी, यह आपके अहंकार की पराकाष्ठा है

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी प्रियंका गांधी पर पलटवार किया उन्होंने ट्वीट किया – प्रियंका गांधी जी, यह आपके अहंकार की पराकाष्ठा है, मध्यप्रदेश और जनता की सेवा के लिए जीवन पर्यंत समर्पित रहे माधवराव सिंधिया जी जैसे व्यक्तित्व के लिए आपने जिन शब्दों का प्रयोग किया, वह न केवल जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है, बल्कि हृदय को तार-तार कर देने वाला भी है। राजनीतिक लाभ के लिए व्यक्तिगत आक्षेप अत्यंत अशोभनीय और निंदनीय है। प्रियंका जी, मध्यप्रदेश और देश आपकी अभद्र व असहनीय टिप्पणी एवं अहंकार से भरे शब्दों के लिए कभी माफ नहीं करेगा।

 

सीएम शिवराज को पूर्व सीएम कमलनाथ ने दिया जवाब 

सीएम शिवराज के ट्वीट के बाद कमलनाथ ने उन्हें जवाब दिया , कमलनाथ ने ट्वीट किया-  शिवराज जी मैंने सोचा था कि चुनाव प्रचार अभियान समाप्त होने के बाद आप अपनी झूठ मशीन को थोड़ा विश्राम देंगे। लेकिन आपने आज कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी के ऊपर जैसे कपोल कल्पित और मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं, उससे “खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे” की कहावत याद आती है। आप भूल गए कि आज आप जिन गद्दारों के सगे बन रहे हैं उनके लिए सबसे पहले विभीषण शब्द का प्रयोग आपने ही किया था। बल्कि आपको तो प्रियंका जी को धन्यवाद देना चाहिए कि उन्होंने आपके अभिनय की तारीफ की और 3 दिसंबर के बाद आपके लिए नया काम भी खोज दिया। कोई भला सोचे तो उससे झगड़ते नहीं है उसे धन्यवाद देते हैं।


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Atul Saxena

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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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