दिल्ली में कांग्रेस की हार पर सिंधिया ने उठाए सवाल, इन्होंने दिया इस्तीफा

भोपाल।
दिल्ली में इस बार भी आप का जादू चला और केजरीवाल की झाडू ने हैट्रिक लगा दी। सरकार बनाने का दावा करने वाली बीजेपी आठ सीटों पर सिमट गई वही कांग्रेस तो अपना खाता भी नही खोल पाई।जबकी मध्यप्रदेश के कई दिग्गज नेताओं ने दिल्ली में जाकर प्रचार प्रसार किया और अपने भाषणों से जमकर भीड़ जुटाई, बावजूद इसके प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। कांग्रेस के इसी खराब प्रदर्शन के चलते कांग्रेस के दिग्गज नेता और महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नाराजगी जताई है।वहीं दूसरी तरफ पीसी चाको ने दिल्ली कांग्रेस प्रदेश कमेटी के प्रमुख के पद और सुभाष चोपड़ा ने प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है।

दरअसल, गुरुवार को जिले के पृथ्वीपुर के दौरे पर आए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिल्ली के निराशाजनक आंकड़ों पर नाराजगी जताई। सिंधिया ने कहा कि दिल्ली की हार हमारी पार्टी के लिए बेहद निराशाजनक है। अब हमें एक नई विचारधारा और नई कार्य प्रक्रिया की तत्काल आवश्यकता है। देश बदल गया है, इसलिए हमें देश के लोगों के साथ नए तरीके से सोचने और जुड़ने का विकल्प चुनना होगा। 2015 और अब 2020 दिल्ली विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला है।अगर वो हमारा उद्देश्य है तो लोकसभा चुनाव के बाद कई राज्यों में हमें जीत भी हासिल हुई है हमारे सहयोगी दलों के साथ, चाहे वो झारखंड हो या महाराष्ट्र हो, लेकिन दिल्ली का जो परिणाम है वो बहुत निराशाजनक है इसमे कोई दो राय नहीं है।

सिंधिया ने चिंता जाहिर करते हुए अपनी ही पार्टी को एक बार फिर से कटघरे में खड़ा किया है। इससे पहले भी सिंधिया अपनी ही पार्टी पर सवाल खड़े कर चुके हैं। पिछले साल हुए महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर सिंधिया ने कहा था कि पार्टी को अब उसके प्रदर्शन के लिए आत्म चिंतन की जरूरत है।

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