सिंधिया की मांग पूरी, शिवराज सरकार ने लिया बड़ा फैसला

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की शिवराज सरकार (Shivraj Government) ने किसानों (Farmers) के हित में बड़ा फैसला लिया है| सरकार ने चना और सरसों की खरीदी की सीमा प्रति हेक्टेयर 20 क्विंटल करने का निर्णय लिया है। इससे प्रदेश में पंजीकृत 5 लाख 30 हजार किसानों को फायदा मिलेगा। पिछले दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कृषि मंत्री कमल पटेल को पत्र लिखकर किसानों के हित में यह मांग की थी| सिंधिया की मांग को मानते हुए सरकार ने शुक्रवार को इसके आदेश जारी कर दिए|

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj SIngh CHauhan) ने कहा कि सरकार किसानों को लाभान्वित करने के लिये उनके हित में निरंतर निर्णय कर रही है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने कहा है कि इस निर्णय से किसानों को प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष रबी की फसलों का बम्पर उत्पादन हुआ है। प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में वृद्धि को देखते हुए किसानों को लाभान्वित करने के लिये सरकार ने 5 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपार्जन में वृद्धि की है। इससे प्रदेश में पंजीकृत 5 लाख 30 हजार किसानों को फायदा मिलेगा। चना के विक्रय से लगभग 325 करोड़ रुपये और सरसों के विक्रय से लगभग 146 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ किसानों को होगा।

बताया गया कि गत वर्ष में चने का उपार्जन नरसिंहपुर, हरदा, होशंगाबाद, छिंदवाड़ा, रायसेन, विदिशा को छोड़कर शेष जिलों में 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के मान से किया गया था। इससे किसानों को 15 क्विंटल से अधिक उपज को समर्थन मूल्य से एक हजार कम रुपये में बाजार में बेचते हुए नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि किसान पुत्र और किसान हितैषी मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के हित में निर्णय लेते हुए एक ओर जहाँ चना का उपार्जन 5 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बढ़ाया है, वहीं दूसरी ओर सरसों का उपार्जन 7 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बढ़ाने का निर्णय लिया। गत वर्ष सरसों का औसत उपार्जन पूरे प्रदेश में 13 क्विंटल प्रति हेक्टेयर था।

सिंधिया ने की थी मांग
भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चना और सरसों प्रति हेक्टेयर खरीद को लेकर कृषि मंत्री कमल पटेल को पत्र लिखकर सुझाव दिया था कि दोनों फसलों के लिए खरीद सीमा प्रति हेक्टेयर 20 क्विंटल की जानी चाहिए। सिंधिया ने कृषि मंत्री को पत्र में कहा था कि इस सीमा को बढ़ाकर 20 क्विंटल किया जाना चाहिए। इससे कोरोना संकट से जूझ रहे किसानों को काफी सहायता मिलेगी। कृषि मंत्री पटेल भी इस बात से सहमत हुए थे।