ऐ क्या बोलती तू…. बन जाऊं क्या मैं नेता!!

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भोपाल| देश की राजनीति में खादी का विशेष महत्त्व और योगदान रहा है, लेकिन बदलते परिदृश्य में अब इसकी छवि भी धूमिल होती दिखाई देती है| राजनीति सदैव समाजिकता को परिभाषित करती रही है, यहाँ तक कि राजनीति ने समाज की दशा और दिशा बदली लेकिन आज के माहौल में जनता का विश्वास डगमगा रहा है, इसके पीछे कई कारण है| देश में चुनावी माहौल है और राजनीति का पारा भी बढ़ता जा रहा है, ऐसे समय में मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार और IND24 न्यूज़ चैनेल हेड नवीन पुरोहित ने अलग ही अंदाज में वर्तमान राजनीति और राजनीति में खादी पर व्यंग प्रस्तुत किया है| उन्होंने एक गाने के जरिये राजनीति के उस चेहरे पर प्रकाश डाला है, जो कहीं न कहीं सच है, लेकिन राजनीति के बदलते परिदृश्य में सब चल रहा है, राजनीति में आज कमाई के साधन ढूंढे जाते हैं, घोटालों की बाढ़ है| उन्होंने कहा खादी बर्बादी की समाधि हो गई, अहिंसा की हिंसा में शरीक हो गई, ज्ञानी और विज्ञानी खड़े होकर सोचते हैं बापू तेरे सपने का भारत कहाँ, बापू का चस्मा ले लिया, बापू का चरखा ले लिया, बापू को नोट पर छाप दिया लेकिन बापू को कोई समझ नहीं पाया..उन्होंने एक गाने के माध्यम से बताया है कि आज के दौर में नेताओं को देखकर आम आदमी क्या सोचता है…