सनसनीखेज वारदात: लापता हुई लड़की के बदले किसान का अपहरण

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भोपाल। बैरसिया इलाके में कल दिन दहाड़े बोलेरो से आए दो बदमाशों ने एक किसान का अपहरण कर लिया। मुख्य आरोपी को संदेह था कि किसान का बेटा उनकी बेटी को भगाकर ले गया है। आरोपियों ने शर्त रखी है कि लड़की जब तब उन्हें नहीं सौंपी जाएगी वह अगवा किसान की रिहाई नहीं करेंगे। जल्द लड़की नहीं मिलने पर किसान की हत्या कर दी जाएगी। वारदात के बाद में हरकत में आई पुलिस की एक टीम अगवा किसान को छुड़ाने के लिए विदिशा रवाना हो गई है। आरोपियों की लास्ट लोकेशन विदिशा में ट्रेस की गई थी।

टीआई एसएन पांडे के अनुसार पप्पू उर्फ पर्वत सिंह (40) ग्राम बाबचिया बैरसिया में रहते हैं। वह खेती किसानी का काम करते हैं। उनके दो पुत्र हैं, बड़े बेटे का विदिशा में रहने वाले महेंद्र यादव की पुत्री से मेलजोल था। दोनों के बीच में अच्छी दोस्ती थी। तीन दिन पहले वह रहस्यमय हालातों में विदिशा स्थित अपने निवास से लापता हो गई थी। जिसकी गुमशुदगी वहीं दर्ज है। महेंद्र को संदेह है कि पप्पू का बेटा उनकी बेटी को भगाकर ले गया है। कल सुबह करीब दस बजे महेंद्र अपने ड्रायवर गोविंद के साथ में बैरसिया स्थित बाबचिया बस स्टैंड पर आया। उसने कॉल कर पर्वत को मिलने बुलाया। पर्वत मिलने पहुंचा तो उसे जबरिया अपनी कार में बिठाया और साथ ले गए। आरोपियों का आरोप था कि उनकी लड़की को पर्वत का बेटा लेकर भागा है। बाद में महेंद्र ने कॉल कर पर्वत के छोटे बेटे करन सिंह विश्कर्मा से कहा की अपने पिता की सलामती चाहते हो तो उनकी बेटी को लौटा दिया जाए। अपने बड़े भाई का पता बता दे तथा लड़की को कहां छिपाया गया इस बात की जानकारी दे। जब तक लड़की नहीं मिलेगी पर्वत को रिहा नहीं किया जाएगा। थाना पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने धमकी दी है कि लड़की को जल्द उनके हवाले नहीं किया गया तो पिता के साथ अन्होनी देखने के लिए तैयार रहना। जिसके बाद में पुलिस की एक टीम को तत्काल विदिशा के लिए रवाना कर दिया गया है। वहीं करन ने पुलिस को बताया कि अपहरणकर्ता हथियारों से लैस होकर आए थे।

– 10 घंटे बाद लिखी एफआईआर

बताया जा रहा है कि घटना सुबह 10 बजे की है। जबकि एफआईआर रात करीब 20:30 बजे दर्ज की गई है। करन सुबह जब थाने में शिकायत करने पहुंचा तो  उसे चलता कर दिया गया था। दोबारा थाने पहुंचने पर कुछ ओर से देर तलाशने की सलाह दी गई। शाम तक जब पर्वत का सुराग नहीं लगा तो कार्रवाई शुरू की गई। तब रात करीब साढ़े आठ बजे प्रकरण दर्ज किया गया। वहीं पुलिस का दावा है कि पर्वत को जल्द मुक्त कराया जाएगा। आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा।