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भोपाल/इंदौर।

लोकसभा चुनाव से पहले आज बीजेपी ने  प्रदेशभर में लगातार बिगड़ रही कानून व्यवस्था, कर्ज माफी समेत अन्य मुद्दों को लेकर धिक्कार आंदोलन किया। इस दौरान पूरे प्रदेश के कलेक्ट्रेट कार्यालय पर पहुंचकर बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने  कमलनाथ सरकार पर जमकर हमला बोला। इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इंदौर पहुंचे और वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि हम सरकार तक किसानों, मजदूरों, युवाओं और हर वर्ग की आवाज को पहुंचाने के लिए कलेक्टोरेट घेराव कर जनता के अधिकार की लड़ाई को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रदेश की जनता के साथ हम अन्याय नहीं होने देंगे।प्रदेश की जनता के साथ हम अन्याय नहीं होने देंगे ।शिवराज यही नही रुके उन्होंने आगे कहा कमलनाथ सुन लें, मैं यह खेल नहीं चलने दूंगा, 2100 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं का दाम देना पड़ेगा। फसल जो बर्बाद हुई, उसका भी मुआवजा देना होगा 

                  दरअसल, आज पूरे प्रदेश में भाजपा द्वारा धिक्कार आंदोलन मनाया जा रहा है। इस दौरान भाजपा के कार्यकर्ता और नेता कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे है। इसी कड़ी में आज शनिवार को इंदौर में भी भाजपा ने राज्य की कमलनाथ सरकार पर किसानों के साथ धोखे का आरोप लगाते हुए  कलेक्टर कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। इस दौरान प्याज की सही कीमत नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए ट्रैक्टर में भरी प्याज को किसानों से कलेक्ट्रेट के सड़क पर फैला दिया और उसके ऊपर बैठकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल होने आए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने 200 रुपए से ज्यादा बिजली बिल नहीं भरने का किसानों से आह्वान किया।

कर्जमाफी पर भी बोला हमला

शिवराज ने कहा कि सोयाबीन और मक्का का 500 रुपया बोनस का नहीं मिला। किसानों को बोरियां नहीं मिली, तो अपनी बोरियों में धान भरकर रख दिया और बारिश में वह खराब हो गया। सरकार से पूछा, तो कहा कि पोर्टल ही बंद हो गया था। ऐसा ही रहा, तो हम तुम्हारी सरकार चलना बंद कर देंगे ।चारों तरफ त्राहि-त्राहि मची है।  कांग्रेस ने कहा था कि 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ करेंगे। आज 200, 300, 400 रुपये देकर कांग्रेस किसानों के साथ कर्ज माफी के नाम पर मजाक कर रही है।किसानों का कर्जा माफ होना है, कुल 56 हजार करोड़ रुपये का और सरकार ने दिया केवल 6000 करोड़ रुपये, वह भी कर्ज माफी के लिए नहीं, बल्कि पूरे विभाग को।। कथनी और करनी में फर्क, इसी को कहते हैं।किसानों के साथ कांग्रेस सरकार जो वादाखिलाफी कर रही है, वह सुन ले कि आज मैं उसके खिलाफ संघर्ष का ऐलान कर रहा हूं। कमलनाथ सुन लें, मैं यह खेल नहीं चलने दूंगा, 2100 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं का दाम देना पड़ेगा। फसल जो बर्बाद हुई, उसका मुआवजा देना होगा ।

शिलान्यास और लोकार्पण को लेकर भी बोला हमला

शिवराज ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं में तो लोकार्पण और शिलान्यास की ऐसी होड़ लगी है कि जेब में नारियल लेकर घूम रहे हैं, जहां भी मौका मिला फोड़ दिया। ग्वालियर में अस्पताल का मैंने शिलान्यास कर दिया था, निर्माण कार्य चल रहा था, फिर भी उसके शिलान्यास के लिए महाराज पहुंच गये। चारों तरफ अराजकता का बोलबाला है। कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी के चुने हुए प्रतिनिधियों को अपमानित कर रही है। लोकार्पण और शिलान्यास के उनके अधिकारों से उन्हें वंचित किया जा रहा है। हम यह अन्याय नहीं होने देंगे।

बिजली बिल माफ को लेकर भी जमकर घेरा

शिवराज ने कहा कि कांग्रेस ने कहा था कि बिजली बिल हाफ तो किसानों का बिल भी हाफ होना चाहिए और गरीबों के 200 रुपये का आधा 100 रुपया होना चाहिए। वादा किया तो निभाना पड़ेगा, नहीं तो मामा को निभवाने आना पड़ेगा ।मैंने गरीबों के इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी थी, लेकिन आज गरीब इलाज के लिए दर-दर की ठोकर खा रहा है। बच्चों की फीस नहीं भरी जा रही है। बुजुर्गों को पेंशन नहीं मिल रही है। यह सरकार केवल ट्रांसफर के काम में लगी है। पैसे दो और ऑर्डर ले जाओ