निर्भया केस: वकील इंदिरा पर भड़के शिवराज, बोले- ”छूटे नाबालिग को भी मिले फांसी”

भोपाल।
वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह द्वारा निर्भया की मां से दोषियों को माफ कर देने की अपील के बाद सियासत गर्म हो गई है। एक के बाद एक नेताओं और इस केस से जुडे लोगों की प्रतिक्रियां सामने आ रही है। निर्भया की मां के बाद अब मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान सामने आया है।शिवराज ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए है। शिवराज ने पहले ट्वीट में वकील इंदिरा जयसिंह पर हमला बोला है, वही दूसरे मे सोनिया को टारगेट किया है और निर्भया की मां की हिम्मत की दाद दी है। आखरी ट्वीट में उन्होंने नाबालिग को भी सजा देने की मांग की है।

शिवराज ने ट्वीट कर लिखा है कि इंदिराजी, वकील कब से बिन माँगी सलाह देने लगे?ऐसी मानसिकता के चलते ही अपराधियों के हौसले बढ़ते हैं। मानवाधिकार मानवों के होते हैं, दानवों के लिए नहीं। कभी आपने इन बेटियों के बारे में सोचा? क्या आप को पता भी है कि ऐसी कितनी निर्भया आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रही हैं?

शिवराज ने आगे लिखा है कि इंदिराजी का सोनिया जी का तारीफ़ करना तो बनता ही है। मुझे इसमें जरा भी अचरज नहीं है! मैं आशा देवी की हिम्मत को प्रणाम करता हूँ, जो अपनी बेटी के न्याय के लिए निरंतर लड़ती रहीं। पूरा देश आप के साथ है। मुझे उस दिन की प्रतीक्षा है जब सारे नराधम फाँसी के फंदे पर लटका दिए जाएँगे।

वही आगे शिवराज ने लिखा है कि निर्भया बेटी के साथ हुए जघन्य अपराध में शामिल वो नरपिशाच सिर्फ़ नाबालिग होने की वजह से छूट गया, मेरे हिसाब से उसको भी फाँसी की सजा होनी चाहिए। मेरा भारतीय संसद से निवेदन है कि जल्द से जल्द क़ानून में बदलाव करें ताकि ऐसे नराधम समाज में खुले न घूमने पाएं।

क्या है इंदिरा जयसिंह का बयान

सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने निर्भया की मां से अपील करते हुए शनिवार को कहा था कि वे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी जैसा नजीर पेश करते हुए अपने बेटी के बलात्कारियों की फांसी की सजा माफ कर दें । सोनिया गांधी ने अपने पति और देश के पीएम रहे राजीव गांधी की हत्या में दोषी करार दी गई एक मात्र महिला नलिनी श्रीहरन की मौत की सजा माफ कर दी थी। निर्भया की मां ने इस बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि वे इस पर सलाह देने वाली होती कौन हैं।

डेथ वारंट के बाद पवन ने लगाई स्पेशल लीव पीटिशन
बता दे कि निर्भया मामले में दोषी पवन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी।पवन ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पीटिशन (एसएलपी) याचिका दाखिल करके कहा है कि अपराध के समस वह नाबालिग था। इसकी सुनवाई 20 जनवरी होगी।इससे पहले दिल्‍ली हाई कोर्ट उसकी याचिका खारिज कर चुका है। यह याचिका तब दायर की गई है जब निचली अदालत ने दोषियों को फांसी देने के लिए नई तारीख 1 फरवरी तय की है।

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