शिवराज के बयान पर गर्माई सियासत, कांग्रेस हुई हमलावर

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भोपाल।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा पूर्व पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरू को ‘क्रिमिनल’ बताने के बाद बवाल मच गया है। कांग्रेस हमलावर हो चली है।एक के बाद एक कांग्रेस नेताओं द्वारा शिवराज पर हमला बोला जा रहा है।अब शिवराज के इस बयान पर कमलनाथ सरकार में मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने पलटवार किया है। उनका कहना है कि शिवराज सिंह मानसिक संतुलन खो चुके हैं। वही  कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल  ने बयान को लेकर शिवराज को मूर्ख बता दिया।

दरअसल, आज मीडिया से चर्चा के दौरान तोमर ने कहा कि  शिवराज के इस बयान पर तरस आता है कि नेहरू ने समय काल परिस्थिति के हिसाब से निर्णय लिया था।अगर आज कोई पिता निर्णय ले और आने वाले समय में बेटे उस पर सवाल उठाये यह ठीक नहीं है।वहीं शिवराज सिंह चौहान के बयान पर प्रदेश सरकार के मंत्री लाखन सिंह ने कहा है की शिवराज सिंह मानसिक संतुलन खो चुके हैं। लखन सिंह ने कहा की शिवराज सिंह जैसे मंझे हुए नेता से ऐसे बयान की उम्मीद नहीं थी।वही कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान से बड़ा मूर्ख कोई नहीं होगा जो ऐसे व्यक्ति के लिए ऐसी बात बोल रहे हैं। नेहरू का सम्मान पूरा देश करता है। बच्चे उन्हें चाचा नेहरू के नाम से जानते हैं। ऐसे में शिवराज को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।वही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि शिवराज, नेहरूजी के पैरों की धूल भी नहीं है।

कमल नाथ ने बयान को बताया निंदनीय

शिवराज सिंह चौहान के इस बयान पर मध्यप्रदेश के सीएम कमल नाथ ने भी पलटवार किया है। कमल नाथ ने ट्वीट करते हुए कहा- देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं.जवाहरलाल नेहरू जिन्हें आधुनिक भारत का निर्माता कहा जाता है,जिन्होंने आज़ादी के लिये संघर्ष किया, जिनके किये गये कार्य व देश हित में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनको मृत्यु के 55 वर्ष पश्चात् आज अपराधी कह कर संबोधित करना, बेहद आपत्तिजनक व निंदनीय है।

शिवराज ने दिया था ये बयान

दरअसल, शनिवार को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में मीडिया से बातचीत में शिवराज ने नेहरू को ‘क्रिमिनल’ करार दिया । उन्होंने कहा जवाहरलाल नेहरू एक अपराधी हैं, इसके दो मुख्य कारण है।  पहला यह कि जब भारतीय फौज कश्मीर से पाकिस्तानी कबाइलियों को खदेड़ते हुए आगे बढ़ रही थी, ठीक उसी वक्त नेहरू ने संघर्ष विराम का ऐलान कर दिया। इस वजह से कश्मीर का एक-तिहाई हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में रह गया। यदि कुछ दिन और सीजफायर की घोषणा नहीं होती, तो पूरा कश्मीर भारत का होता।नेहरू को ‘क्रिमिनल’ कहने की दूसरी वजह बताते हुए शिवराज ने कहा ‘नेहरू ने जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 लागू किया। एक देश में दो निशान, दो विधान (संविधान) और दो प्रधान कैसे अस्तित्व में रह सकते हैं? यह केवल देश के साथ नाइंसाफी नहीं है, बल्कि अपराध भी है। शिवराज के इस बयान ने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है, कांग्रेस लगातार सत्ता पक्ष पर हमले बोल रहा है।

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