शिवराज सरकार ने शुरू की कमलनाथ सरकार के फैसलों की जांच, खंगाली जा रही फाइलें

भोपाल| मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की शिवराज सरकार (Shivraj Government) ने बड़ा फैसला लेते हुए कमलनाथ सरकार (Kamalnath Government) के आखिरी 6 महीने के दौरान लिए गए फैसलों की जांच के लिए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (Group Of Ministers) का गठन किया है| तीन सदस्यीय समिति ने इसकी जांच शुरू कर दी है| विभागीय अफसरों से पूर्व सरकार के आखिरी समय में लिए गए फैसलों से जुड़े तथ्यों को खंगालने को कहा गया है|

शुक्रवार को इस विषय पर मंत्रियों के समूह की पहली बैठक मंत्रालय में हुई| इस बैठक में समिति के सदस्य प्रदेश के गृह और स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा और कृषि मंत्री कमल पटेल शामिल हुए| जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, जो कांग्रेस सरकार में मंत्री थे और बाद में भाजपा में शामिल हुए थे, बैठक में शामिल नहीं हुए।

गृह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि अधिकारियों को पीडब्ल्यूडी, पीएचई, सिंचाई विभागों के टेंडर और अन्य रिकॉर्ड का ब्योरा इकट्ठा करने के लिए कहा गया है। सार्वजनिक संबंध विभाग में यूवी प्रिंटिंग मशीन की खरीद, और आर्थिक अपराध शाखा को भेजे गए अन्य मामलों को देखा जाएगा। मंत्री ने कहा कि बैठक के दौरान शराब और खनन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। यहां तक ​​कि राज्यपाल ने कहा था कि नाथ सरकार अल्पमत में थी, लेकिन इसने निर्णय लेना जारी रखा, मंत्री ने कांग्रेस सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके मंत्री राज्य से बाहर थे और मंत्रिमंडल की बैठक में भाग नहीं ले रहे थे, लेकिन फिर भी उनकी अनुपस्थिति में नाथ सरकार द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

अगली बैठक अगले सप्ताह के लिए निर्धारित की गई है| अगली बैठक में अफसरों को इस विषय पर पूरा ब्यौरा देना होगा और उस ब्यौरे के आधार पर पूर्व सरकार के फैसलों की छानबीन की जाएगी