युवाओं के लिए खुशखबरी, इस योजना के तहत रोजगार उपलब्ध करवाएगी शिवराज सरकार

दो महीने चलने वाले प्रशिक्षण में जनजाति के 30 युवक-युवतियों को डाटा एन्ट्री ऑपरेटर और कम्प्यूटर ऑपरेटर की विधा से प्रशिक्षित कराया जा रहा है।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आत्म निर्भर मध्य प्रदेश और एक महिने में एक लाख रोजगार’ का लक्ष्य लेकर चल रही शिवराज सरकार (Shivraj Government) ने इस ओर कदम बढ़ाना शुरु कर दिए है। हर विभाग की तरफ से  युवाओं के लिए रोजगार (Employment) के अवसर तलाशे जा रहे है। इसी कड़ी वन विभाग (Forest Department) द्वारा ग्रीन इण्डिया मिशन (Green India Mission Scheme) के जरिये ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण कर रोजगार उपलब्ध करवाने का फैसला किया गया है।

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दरअसल, राष्ट्रीय स्तर पर भारत (India) की आजादी के 75 वर्ष को समारोह पूर्वक मनाने के लिये ‘आजादी का अमृत महोत्सव” 12 मार्च से शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में वन विभाग द्वारा ग्रीन इण्डिया मिशन के अंतर्गत चयनित लैण्डस्केप में ग्रामीण युवाओं के लिये प्रशिक्षण कार्यशालाएँ आयोजित की जा रही हैं। वन विभाग द्वारा ग्रीन इण्डिया मिशन के जरिये ग्रामीण युवाओं को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जाकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जायेंगे। प्रदेश में इस तरह की 14 प्रशिक्षण कार्यशालाएँ आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इनमें तकरीबन 500 ग्रामीण युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार दिलाया जायेगा।

ग्रीन इण्डिया मिशन योजना में पहला प्रशिक्षण होशंगाबाद वन मण्डल के वन ग्राम भातना में शुरू किया गया है। डेढ़ महीने के इस प्रशिक्षण में ग्राम रांझी, भातना और लालपानी के 35 जनजाति के युवक-युवतियों को असिस्टेंट, हेल्पर, इलेक्ट्रीशियन और मोटर बाइंडिंग का प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। इसी तरह दूसरा चरण वन मण्डल पश्चिम बैतूल के ग्राम खामापुर रंजे-चिचोली में 3 अप्रैल से शुरू हो गया है। दो महीने चलने वाले प्रशिक्षण में जनजाति के 30 युवक-युवतियों को डाटा एन्ट्री ऑपरेटर और कम्प्यूटर ऑपरेटर की विधा से प्रशिक्षित कराया जा रहा है।

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बता दे कि वन मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह (Forest Minister Dr. Kunwar Vijay Shah) ने बताया कि वन विभाग द्वारा वर्ष 2021-22 में 7 लाख 68 हजार ग्रामीणों को रोजगार दिलाने का एक्शन प्लान तैयार कर लिया गया है।इसके साथ ही संयुक्त वन प्रबंधन का नवीन संकल्प भी तैयार किया जा रहा है। आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश (Aatmanirbhar Madhya Pradesh) में 3 वर्ष की अवधि में 5 हजार ग्राम वन समितियों की सूक्ष्म प्रबंध योजनाएँ तैयार की जाएंगी। प्रथम चरण में 317 समितियों की सूक्ष्म प्रबंध योजनाएँ बनाई जा चुकी हैं।