प्रोविजनल फायर एनओसी को लेकर शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, मंत्री ने दिया ये आदेश

प्रोविजनल फायर एनओसी को लेकर शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, मंत्री ने दिया ये आदेश

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj Government) ने जबलपुर के अस्पताल में हुए अग्निकांड के बाद और नियमों को कड़ा करने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि वर्तमान में जो प्रोविजनल फायर एनओसी (Provisional Fire NOC) दिये जाने का वर्तमान में प्रचलन है, जो उचित नहीं है। इसमें बदलाव की जरुरत है।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा है कि फायर अथारिटी के द्वारा एक वर्ष के लिए प्रोविजनल फायर एनओसी दिये जाने का वर्तमान में प्रचलन है, जो उचित नहीं है। इसके स्थान पर बिल्डिंग का निर्माण पूरा होने के बाद पूर्णता प्रमाण-पत्र देते समय फायर अथारिटी द्वारा बिल्डिंग का निरीक्षण करके फायर एनओसी जारी की जाये। उन्होंने इस संबंध में जरूरी आदेश जारी करने के निर्देश प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास को दिये हैं।

ये भी पढ़ें – Sarkari Naukari: सेंट्रल सिल्क बोर्ड में निकली 66 पदों पर भर्ती, 1 लाख रुपये से अधिक की सैलरी, जानें डिटेल्स

मंत्री श्री सिंह ने निर्देशित किया है कि अग्निशमन अधिनियम को एक माह में तैयार करें, जिससे अधिनियम को आगामी विधानसभा सत्र में पारित कराने प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में वर्तमान में अग्निशमन एक्ट लागू नहीं है। इससे मैदानी स्तर पर अग्निशमन को लेकर कई विसंगतियाँ पैदा हो रही हैं।

ये भी पढ़ें – रक्षाबंधन पर सालों बाद बन रहा शुभ संयोग, राशि के अनुसार बहनों को उपहार देना होगा शुभ, यहाँ जानें

गौरतलब है कि भूमि विकास नियम में विभाग द्वारा नगरपालिक निगमों के आयुक्त एवं संभागीय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन को नगरीय क्षेत्रों, जिला कलेक्टरों को ग्रामीण क्षेत्रों और मुख्य कार्यपालन अधिकारी केंटोनमेंट बोर्ड को संबंधित क्षेत्र के लिये फायर अथारिटी घोषित किया गया है।

ये भी पढ़ें – ग्वालियर जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यों ने ली शपथ, राज्य मंत्री ने कही बड़ी बात

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews