अपनी ही पार्टी में अलग-थलग पड़े शिवराज

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भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव हारने के बाद से भारतीय जनता पार्टी में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लगातार साइड लाइन किया जा रहा है। पहले उन्हें प्रदेश की सियासत से केंद्रीय राजनीति में भेज दिया गया। और अब उनकी बीजेपी मुख्यालय की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। ये तस्वीर है भाजपा कार्यालय के टॉयलेट के पास रखे उनके कटआउट की। जिस किसी ने ये नजारा देखा वो दंग रह गया। 

दरअसल, भाजपा के प्रदेश कार्यालय के टॉलेट के पास पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कटआउट रखे थे। जब इस पर वहां मौजूद पत्रकारों और अन्य लोगों की नजर पड़ी तो वह ये देख हैरान हो गए। सूत्रोंं के मुताबिक कॉन्फ्रेंस हॉल के अंदर टॉयलेट के पास कई दिनों से शिवराज के कटआउट रखे हैं। जो हर आने जाने वाले का ध्यान आकर्षित कर रही है। हार के बाद से लगातार शिवराज को पार्टी की ओर से नजरअंदाज किया जा रहा है। उनको बड़े कार्यक्रमों में भी पार्टी की ओर से नहीं बुलाया जा रहा है। इसकी बानगी इंदौर में आयोजित भाजयुमो के युवा संवाद कार्यक्रम में देखने को मिली। लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा पूर्व सीएम शिवराज को भुला बैठी। इस कार्यक्रम के शहर में पोस्ट बैनर लगे हैं। उनमें तमाम नेताओं को शुमार किया गया है। इसमें मोदी, अमित शाह, प्रभात झा, कैलाश विजयवर्गीय सभी मौजूद थे लेकिन अकेले शिवराज ही गायब थे। 

अपनी ही पार्टी में अलग-थलग पड़े शिवराज

वक्त है बदलाव का नारा भले कांग्रेस का हो लेकिन इसपर अमल बीजेपी में होता दिखाई दे रहा है। पार्टी वक्त बदलने के साथ ही 13 साल सूबे के मुखिया रहे शिवराज को भुलाने में लगी है या कहें कि उन्हें प्रदेश की राजनीति से दूर रखने कि तैयारी है। इस पूरे मामले पर कांग्रेस ने भी चुटकी ली है। कांग्रेस नेता नरेंद्र सलूजा ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए एक ट्विट किया है। इसमें उन्होंने लिखा है कि, “लोकसभा चुनाव के रथों के बाद अब इंदौर में भाजयूमो द्वारा आयोजित युवा संसद की प्रचार-प्रसार सामग्री में से भी शिवराज जी ग़ायब , जबकि मोदी , अमित शाह, प्रभात झा, कैलाश विजयवर्गीय सभी मौजूद। अब तो शिवराज जी को मान ही लेना चाहिये कि उनका प्रदेश से तबादला हो चुका है।” ऐसे में सवाल उठना लाजमी था. इस मामले में भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाश पांडे ने कहा कि कार्यक्रम के आयोजन में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई, इसके लिए वे स्थानीय नेताओं से चर्चा करेंगे।