शिवराज ने क्यों कहा- “मैं जनता का हनुमान, जनता ही श्रीराम”

भोपाल

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं पूरी तरह जनता के हित के लिये प्रतिबद्ध और समर्पित हूं। उन्होने कहा कि समर्पण, भक्ति, निष्ठा का अनुपम उदाहरण है हनुमान जी जो हमारे आराध्य भी हैं और प्रेरणा भी। वो श्रीराम के भक्त थे और हमारी राम हमारी जनता है। ‘रामकाज कीन्हे बिना मोहे कहां विश्राम’ ये वाक्य मुझे प्रेरणा देता है और मैं 23 मार्च से कोरोना के खिलाफ लड़ रहा हूं और जब तक कोरोना से जीत नही जाते हम चैन से नही बैठेंगे।

वहीं सीएम ने जनता से अपील की है कि जो कोरोना पीड़ित हैं उनके साथ मानवीयता का व्यवहार रखें। सोशल डिस्टेंसिंग बनाना बेहद जरूरी है, लेकिन उनके साथ स्नेह और प्रेम का व्यवहार रखें और खुद को भी सुरक्षित रखिये।