तथ्यों के आधार पर बात करने वाले मंत्रियों को दबाने की कोशिश कर रही कांग्रेस : शिवराज

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भोपाल।

मंदसौर गोलीकांड मामले पर गृहमंत्री बाला बच्चन द्वारा दिए बयान बाद सियासत गर्मा गई है।लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए गले की हड्डी बना यह बयान अब विपक्ष के लिए ढाल का काम कर रहा है। सड़क से लेकर सदन तक विपक्ष कमलनाथ सरकार का घेराव कर रही है।चुंकी यह वह मुद्दा था जिससे आगे कर कांग्रेस सत्ता में आई थी।अब पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने इसको लेकर कमलनाथ सरकार पर कड़ा हमला बोला है। शिवराज ने कहा है कि कांग्रेस में केवल कंफ्यूजन ही कंफ्यूजन है, कोई मंत्री क्या बयान दे रहे है कोई क्या। तथ्यों के आधार पर बात करने वाले मंत्रियों को दबाने की कोशिश कांग्रेस कर रही है।मंत्री किसी सरकार या पार्टी का नही बल्कि पूरे प्रदेश का होता। ऐसे में कंफ्यूजन से प्रदेश की व्यवस्था बिगड़ेगी।

       दरअसल, आज विधानसभा में मंदसौर गोलीकांड को लेकर जमकर हंगामा हुआ। पक्ष-विपक्ष आमने-सामने हो गए। इससे पहले पत्रकारों से चर्चा के दौरान शिवराज ने कहा कि कांग्रेस में केवल कंफ्यूजन ही कंफ्यूजन है।एक कुछ कहता है तो दूसरा गुस्सा करता है, तीसरा कुछ बताता है तो चौथा बयान को ही बदल देता है। विपक्ष में रहकर हम कुछ भी आरोप लगा सकते हैं लेकिन सरकार में रहकर मंत्री तथ्यों के आधार पर ही बात करते हैं ऐसे में मंत्रियों पर दादागिरी करना उन्हें डांटना या जोर जबदस्ती करना ठीक नहीं है। संवैधानिक पद पर बैठे मंत्रियों के साथ इस तरह का व्यहार करना ठीक नही। शिवराज ने कहा कि  मंत्री सिर्फ पार्टी के नहीं, बल्कि पूरे देश के होते हैं। वे सिर्फ कांग्रेस के नहीं हैं प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता के हैं।कांग्रेस ये बात दिमाग से निकाल दे कि सरकार उनकी है। मुख्यमंत्री कोई और है आदेश कोई और देता है। पता ही नहीं चल रहा कि आखिर सरकार कौन चला रहा है।  तथ्यों के आधार पर बात करने वाले मंत्रियों को दबाने की कोशिश कांग्रेस कर रही है। ऐसे कंफ्यूजन से प्रदेश की व्यवस्था बिगड़ेगी।

गौरतलब है कि  विधानसभा सत्र के दौरान सोमवार को गृहमंत्री बाला बच्चन ने यह स्वीकारा था कि मंदसौर गोलीकांड के लिए सरकार या प्रशासन जिम्मेदार नहीं था, पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी। वहीं, वन मंत्री उमंग सिंघार ने यह जानकारी दी थी कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कार्यकाल में नर्मदा किनारे हुए पौधरोपण में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई। इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोमवार को मीडिया से चर्चा के दौरान दोनों मंत्रियों द्वारा दी गई जानकारी को गलत बताते हुए उन्हें फटकार लगाई थी। वही मामले पर सियासत होते देख कमलनाथ ने इस पर मंगलवार को यू-टर्न ले लिया था।मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके मंत्रियों ने सफाई पेश करते हुए कहा था कि यह रिपोर्ट शिवराज सरकार में पेश किए सबूतों के आधार पर है अभी जैन कमेटी की रिपोर्ट आना बाकी है सरकार इस मामले में जांच करवाएंगी और दोषिय़ों को जरुर सजा देगी।