भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (MadhyaPradesh) में पिछले कुछ दिनों से ‘अंडे’ (EGG) को लेकर सियासत गर्म है| कांग्रेस छोड़ भाजपा सरकार में दोबारा मंत्री बनी इमरती देवी (Imarti Devi) की आंगनबाड़ियों में अंडा परोसने की ‘जिद’ शिवराज सरकार में नहीं चली| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने साफ़ कर दिया कि मध्यप्रदेश में कुपोषण को दूर करने के लिए आंगनबाड़ियों में अंडा नहीं दूध दिया जाएगा|

शिवराज सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने की अंडा परोसने की इच्छा आज की नहीं, बल्कि कांग्रेस सरकार के समय से है, लेकिन तब भाजपा ने इसका खुलकर विरोध किया था| इसके बाद सत्ता बदली और इमरती देवी ने फिर कुपोषण दूर करने आंगनबाड़ी में बच्चों को अंडे दिए जाने की पूरी ताकत से पैरवी की| इस मामले में कांग्रेस के हमले पर मंत्री ने यह तक कहा था कि वो विरोध के बाद भी अपने फैसले पर बनी रहेंगी| हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि जिन बच्चों के परिवार में अंडे खाए जाते हैं उन्हीं को अंडे दिए जाएंगे, बाकी बच्चों को फल दिए जाएंगे|

शिवराज ने किया साफ़- अंडा नहीं दूध बंटेगा
अंडे को लेकर हो रहे विरोध के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट करते हुए कहा कि कुपोषण दूर करने के लिए दूध का वितरण किया जाएगा। 17 सितंबर को इसकी शुरुआत होगी। सीएम शिवराज ने कहा कि पीएम मोदी के जन्मदिन पर सात दिन कार्यक्रम होंगे. 7 दिन में 7 कार्यक्रम होंगे. इसकी शुरुआत कल से होगी. इसमें महिला कल्याण, गरीबों का कल्याण, बच्चों का कल्याण शामिल है|

जो मुख्यमंत्री को सही लगे वो ही बच्चों को देंगे: इमरती देवी
इस मामले में अब मंत्री इमरती देवी का कहना है कि हमारे मुख्यमंत्री ने जो अच्छी चीज मानी है वो हम देंगे| दूध तो ओर अच्छी चीज है इससे हम कुपोषण दूर करेंगे, साथ ही उन्होंने ये भी कहा जो हमारे मुख्यमंत्री ओर डॉक्टर कहेंगे वो हम बच्चों को देंगे। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कांग्रेसियों को अंडे से दर्द था दूध से नहीं होगा।