भोपाल।
अन्य राज्यों की तरह मध्यप्रदेश में भी कोरोना ने तेजी से पैर पसारना शुरु कर दिए है। स्थिति दिनों दिन भयावह होती जा रही है। आए दिन मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है, जिससे मरीजों की मौत का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। अबतक प्रदेश में मरीजों की संख्या 400 के पार पहुंच चुकी है और 34 की मौत हो चुकी है।सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद स्थिति अंडर कंट्रोल नही हो पा रही है, ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों से चर्चा कर सुझाव मांगे है।

दरअसल, शिवराज ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, उमा भारती और कमलनाथ से फोन पर चर्चा की है और कोरोना संक्रमण की स्थिति और प्रदेश सरकार के प्रयासों से अवगत कराया। शिवराज ने कोरोना संकट से निपटने के लिए दिग्विजय सिंह, उमा भारती और कमलनाथ से सुझाव और सहयोग मांगा ।शिवराज ने कांग्रेस के दोनों मुख्यमंत्रियों से राजनीति भुलाकर अपने सहयोग देने की मांग की है।

बता दे कि सत्ता में आने के बाद से ही शिवराज युद्ध स्तर पर कोरोना से निपटने में लगे हुए है।सभी जिलों में लॉक डाउन को सख्ती से पालन करवाने के निर्देश दिए गए है। प्रदेश के सभी संभागायुक्त एवं कलेक्टर्स को पत्र भेजकर निर्देशित किया है कि कंटेनमेंट एरिया तथा जिलों की सीमाओं को प्रभावी ढंग से सील किया जाये। प्रभावी जिलों की सीमाओं पर चौकसी बढ़ाई जाये और लोगों के आने-जाने को कड़ाई से प्रतिबंधित किया जाये। कंटेनमेंट एरिया से लोगों की आवाजाही को रोकने के लिये बेरीकेटिंग के साथ कार्डन ऑफ किया जाये।वही 15 जिलों में कुल 46 कोरोना हॉट स्पॉट घोषित किया गया हैं। इन क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा अति आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति नागरिकों के घरों पर उनकी माँग के अनुसार सुनिश्चित की जा रही है।वाबजूद इसके मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है, ऐसे में राज्य सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों से सुझाव मांगे है ताकी जंग को जीता जा सके।