शिवराज ने राज्यपाल को लिखा पत्र ,पोषण आहार गड़बड़ी मामले पर हस्तक्षेप की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने राज्यपाल को एक पत्र लिखकर प्रदेश के मुख्य सचिव की शिकायत की है। शिवराज ने कहा है कि मेरी सरकार ने 13 मार्च 2018 को यह निर्णय लिया था कि टेकहोम राशन का कार्य सरकार द्वारा महिला स्व सहायता समूह से कराया जाए। इसके लिए पूरे प्रदेश में 110 करोड़ की लागत से 7 प्लांट स्थापित किए जाएं। कांग्रेस सरकार की कैबिनेट ने भी 27.11.2019 को इस संबंध में ही उचित निर्णय लिया और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 26.11.19 को किस तरह के आदेश के लिए कैबिनेट के सामने जब प्रकरण प्रस्तुत किया तो इस निर्णय के प्रारूप में क्रमांक 11 पर यह निर्णय लिया गया कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि एमपी एग्रो किसी भी रूप में निजी संस्था ठेकेदार या आउटसोर्स एजेंसी को टेक होम राशन उत्पादन संचालन के कार्य में शामिल नहीं करेगा। इस निर्णय से अपर मुख्य सचिव पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सभी विभागों को 27.11.19 को अवगत कराया गया था लेकिन बड़े ही आश्चर्यजनक तरीके से प्रदेश के मुख्य सचिव ने  निजी ठेकेदारों संस्था व आवश्यक एजेंसियों को गैरकानूनी तरीके से लाभ पहुंचाने के लिए षड्यंत्र रच के उपखंड 11 को गायब कर दिया। इसके चलते एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी को भी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेनी पड़ी जो निश्चित ही राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव का परिणाम था। शिवराज ने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि आप तत्काल इस प्रकरण को संज्ञान में लेकर कारवाई का कष्ट करें।

शिवराज ने राज्यपाल को लिखा पत्र ,पोषण आहार गड़बड़ी मामले पर हस्तक्षेप की मांग

शिवराज ने राज्यपाल को लिखा पत्र ,पोषण आहार गड़बड़ी मामले पर हस्तक्षेप की मांग

शिवराज ने राज्यपाल को लिखा पत्र ,पोषण आहार गड़बड़ी मामले पर हस्तक्षेप की मांग