मप्र वक्फ बोर्ड के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स वाले मामले में प्रशासक ने जारी किए कारण बताओ नोटिस

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भोपाल। प्रदेश वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली को सुधारने की कवायद तेज हो गई है। लंबे समय से बोर्ड में चल रहीं गड़बडिय़ों और भर्राशाई दूर करने के लिए बोर्ड ने सिस्टम को सुधारने के साथ ही इनमें कई तरह के बदलाव करने का निर्णय लिया है। लंबित मामलों को लेकर पुरानी फाइलों को खंगाला जा रहा है। नए बोर्ड प्रशासक ने भूमि आवंटन और अन्य मामलों को लेकर अधिकारियों को नोटिस थमाए हैं। वहीं एक जांच समिति का गठन भी किया गया है, जो अपने स्तर पर भ्रष्टाचार से जुटे मामलों की बारीकी से जांच कर रही है। इधर बोर्ड प्रशासक ने नियमों को ताक पर रख कब्रिस्तान की जमीन पर शॉपिंग मॉल बनाए जाने की मंजूरी खारिज करते हुए संबंधित अधिकारियों और कमेटी अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए हंै। इस नोटिस में अधिकारियों को अपना जवाब पेश करने के लिए एक माह का समय दिया है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि तय समय अवधि में जवाब नहीं दिया तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, मप्र वक्फ  बोर्ड की बैठक में वक्फ  मस्जिद व कब्रिस्तान तुकोगंज, इंदौर की वक्फ कमेटी ने 14/12/2017 में मस्जिद और कब्रिस्तान की जमीन पर शॉपिंग मॉल के निर्माण के लिए अनुमति मांगी थी। इसके बाद बोर्ड की निरीक्षण कमेटी की विजिट और अनुशंसा रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया गया था। इस जमीन पर 24.9 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत राशि से नौ मंजिला शॉपिंग मॉल बनाने की अनुमति दी गई थी। बोर्ड के नए प्रशासक ने यह अनुमति खारिज कर दी है। साथ ही संबंधित अधिकारियों, कमेटी अध्यक्ष और मेंबर्स को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए हैं। 

जवाब देने में नहीं दिखा रहे रुचि 

मप्र वक्फ बोर्ड में इंदौर स्थित तुकोगंज में कब्रिस्तान और मस्जिद की जमीन पर शॉपिंग मॉल बनाए जाने की अवैध परमिशन को निरस्त किया है और अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीस दिन में जवाब मांगा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह नोटिस इंदौर तुकोगंज कमेटी के अध्यक्ष सलीम खान को दिया गया है, लेकिन उन्होंने नोटिस का जवाब देने में अपनी रुचि नहीं दिखाई है। 

इनका कहना है 

अवैध तरीके से वक्फ कब्रिस्तान और मस्जिद की जमीन पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाए जाने की मंजूरी को निरस्त कर। संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। जो दोषी पाए जाएंगे उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी और जिन्होंने निर्धारित समय अवधि में जवाब पेश नहीं किया तो उनके कार्य संबंधी अधिकार निरस्त कर कार्रवाई की जाएगी। 

– निसार अहमद, प्रशासक, मप्र वक्फ  बोर्ड