प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के डॉक्टर दोस्त ने लगाई फांसी, शेयर मार्किट में हुए घाटे से थे परेशान

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी  के डॉक्टर दोस्त ने आत्महत्या कर ली, शेयर मार्केट में पैसे लगाने के बाद घाटे के चलते सरकारी डॉक्टर ने आत्महत्या करके जीवन लीला समाप्त कर ली। डॉक्टर ने आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें आत्महत्या के लिए खुद को जिम्मेदार बताया हैं। डॉक्टर राकेश मनहर संविदा नियुक्ति पर संजीवनी क्लिनिक में तैनात थे। भोपाल के गौतम नगर थाना इलाके के नारियलखेड़ा में रहने वाले डॉक्टर राकेश मनहर ने मंगलवार देर रात अपने घर में फांसी लगाई। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है। उसमें लिखा है कि मैं आर्थिक, मानसिक रूप से विफल होने के कारण इस तरह का कदम उठा रहा हूं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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डॉक्टर राकेश मनहर  पुराना नारियलखेड़ा में संयुक्त परिवार में रहते थे। मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब पौने दो बजे छोटे भाई मुकेश मनहर ने उन्‍हें फांसी पर लटके देखा। उन्होंने गमछे से फंदा बनाकर फांसी लगा ली थी। फंदे से उतारकर राकेश को अस्पताल ले जाया गया। वहां चेक करने के बाद डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जाता है कि डॉ. राकेश ने किसी व्यक्ति के माध्यम से शेयर मार्केट में काफी रुपयों का निवेश किया था, लेकिन उसमें उन्हें काफी घाटा उठाना पड़ा था। इसके बाद से वह अवसाद में चले गए थे।

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अपने सुसाइड नोट में डाक्टर राकेश ने आर्थिक परेशानी का जिक्र किया है। उसमें लिखा है कि लगातार नुकसान के कारण आर्थिक रूप से टूट चुका हूं। जीवन-यापन करने में भी परेशानी होने लगी है। अपनी मौत के लिए भी उन्होंने स्वयं को जिम्मेदार बताया है। साथ ही इस मामले में स्वजनों को परेशान नहीं करने की भी बात लिखी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर किसी ने डाक्टर  राकेश के साथ धोखाधड़ी तो नहीं की।