निर्दलीय विधायक शेरा का ऐलान- अरुण यादव का पता लगाने वाले को दूंगा 1000 का इनाम

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भोपाल।

इन दिनों प्रदेश की कमलनाथ सरकार के लिए बुरहानपुर से निर्दलीय विधायक ठाकुर सुरेन्द्र सिंह शेरा सिरदर्द बने हुए है।मंत्रिमंडल में जगह ना मिलने से नाराज चल रहे विधायक सिंह ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। हाल ही उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर उपेक्षा का आरोप लगाया था और अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता  और पूर्व सांसद अरुण यादव को निशाने पर लिया है। उन्होंने यादव को बाहरी नेता करार दिया है, साथ ही कहा है कि जिसने भी उन्हें पांच सालों में क्षेत्र में देखा है वो मेरे पास आए मैं उसे एक हजार रुपए इनाम दूंगा। शेरा के इस बयान के बाद कांग्रेस में हलचल मच गई है।

दरअसल, लोकसभा चुनाव पास आते ही कांग्रेस में उम्मीदवारों को लेकर फिर घमासान मच गया है।विधानसभा चुनाव की तरह हर कोई टिकट की दावेदारी छोक रहा है, वही कुछ नामों को पैनल में पहले से ही शामिल किए जाने की बात सामने आ रही है। इनमें से एक नाम कांग्रेस में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव का भी है जिसको लेकर बुरहानपुर से निर्दलीय विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह ने आपत्ति जताई है।। शुक्रवार को युवा स्वाभिमान याेजना के शुभारंभ कार्यक्रम में पहुंचे विधायक सुरेंद्र सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए अरुण यादव की दावेदारी पर कहा- चुनाव हारने के बाद पांच सालों में जिसने अरुण यादव को क्षेत्र में देखा हो, वह मुझसे एक हजार रुपए ले जाएं। वे खंडवा लोकसभा क्षेत्र के बाहर के हैं। प्रत्याशी लोकसभा क्षेत्र का ही होना चाहिए। 

विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा- अरुण यादव लोकसभा चुनाव हारने के बाद एक बार भी क्षेत्र में नहीं आए। वे लोगों से हाथ भी नहीं मिलाते। उनका मोबाइल नंबर किसी को नहीं पता। पता भी हो तो वे फोन नहीं उठाते। वे खंडवा लोकसभा क्षेत्र के बाहर के हैं, हम उनको यहां कैसे आने देंगे। कांग्रेस को खंडवा लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी को खड़ा करना होगा। इससे कांग्रेस मजबूत होगी और प्रत्याशी जीतेगा। 

जनता चाहेगी तो निर्दलीय भी लड़ेंगे लोकसभा चुनाव 

विधायक ने कहा मैंने कभी सरकार गिराने की धमकी नहीं दी है। मैं जो बोलता हूं, उस पर मिर्च-मसाला लगाया जाता है। सरकार को समर्थन देते समय यह कहा गया था कि आपको सरकार का हिस्सा बनाया जाएगा। मैं धमकी नहीं देता, उन्हें अपना वादा याद दिलाता हूं। यह करना जरूरी है, ताकी सरकार को अपना वादा याद रहे । वही लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कांग्रेस टिकट देगी तो जरूर लड़ेंगे। टिकट नहीं मिलने पर जनता चाहेगी तो निर्दलीय लड़ेंगे। विधानसभा चुनाव भी जनता की मर्जी से निर्दलीय लड़ा और जीते भी हैं। 

बता दें कि मप्र में 114 सदस्यों वाली कांग्रेस सरकार ने सपा बसपा और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई है।बुरहानपुर सीट से कांग्रेस के बागी होकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीते ठाकुर सुरेंद्र सिंह शेरा ने सरकार को समर्थन दिया है। सुरेंद्र सिंह शेरा मंत्री पद की आस लिए बैठे थे, लेकिन मंत्री पद नहीं मिलने से वह नाराज चल रहे हैं और कई बार अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। वहीं खंडवा से अपनी पत्नी के लिए लोकसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। एक बार फिर निर्दलीय विधायक ने कांग्रेस के खिलाफ तीखे तेवर दिखाए हैं और टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ाने की बात कही है।