sumita-mahajan-met-with-sadhvi-pragya-thakur-in-bhopal-

भोपाल। देश भर में लोकसभा चुनाव को लेकर भोपाल सीट सुर्ख़ियों में है, रोज यहाँ की सियासत में नई चर्चाएं गरमा रही है| सोमवार को केंद्रीय मंत्री उमा भारती और बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा की मुलाक़ात के बाद आज लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने प्रज्ञा से मुलाक़ात की| पिछले दिनों शहीद हेमंत करकरे पर टिप्पणी के बाद देश भर में हुई किरकिरी और मराठी भाषी लोगों की नाराजगी को साधने की नजर से इस मुलाक़ात को देखा जा रहा है| 

इस मुलाकात के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा भी मौजूद थे। सुमित्रा ताई ने हेमंत करकरे को लेकर दिये बयान पर स्पष्टीकरण भी दिया। हालांकि पूर्व सीएम उमा भारती के बाद सुमित्रा ताई की साध्वी प्रज्ञा से मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। उन्होंने साध्वी को शुभकामनायें दी| ताई अस्वस्थ चल रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाश जोशी, बाबूलाल गौर और कैलाश जैन को देखने भोपाल आईं थी। इस दौरान वे पार्टी कार्यालय पहुंची जहां उनकी मुलाकात साध्वी प्रज्ञा सिंह से हुई।इस दौरान सुमित्रा ताई ने बताया कि साध्वी प्रज्ञा पूर्व में ABVP में रहीं। उस दौरान उनसे भोपाल में मुलाकात हुई और इंदौर में भी उनसे कई बार मुलाकात हुई। इस नाते उन्होंने साध्वी प्रज्ञा को शुभकामनाएं हैं।

गौरतलब है कि सुमित्रा ताई ने हेमंत करकरे की शहादत को लेकर कहा था कि करकरे को शहीद के रूप में ही जाना जाएगा क्योंकि वे ऑन ड्यूटी आतंकियों की गोली का शिकार हुए थे। लेकिन महाराष्ट्र एटीएएस के प्रमुख के रूप में करकरे की भूमिका संदेह से परे नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस नेता और भोपाल से पार्टी के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह करकरे के दोस्त थे। सुमित्रा ताई ने ये भी आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र एटीएस ने मप्र के सीएम रहे दिग्विजय के इशारे पर इंदौर से कई गिरफ्तारियां की थी। सुमित्रा के बयान पर पलटवार करते हुए भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने कहा था कि, ‘सुमित्रा ताई, मुझे गर्व है कि अशोक चक्र विजेता शहीद हेमंत करकरे के साथ आप मुझे जोड़ती हैं। आपके साथी उनका अपमान भले ही करें, मुझे गर्व है कि मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं।’