राजस्थान में बच गई, लेकिन मध्यप्रदेश में इस चूक के कारण गिर गई कांग्रेस सरकार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट
राजस्थान (Rajasthan) में सचिन पायलट (Sachin Pilot) की सेफ लेंडिंग (Safe Landing) होने जा रही है वही मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में कांग्रेस (Congress) की एक चूक ने सरकार (Government) को सत्ता से बाहर कर दिया। दरअसल राजस्थान (Rajasthan) के सत्ता संग्राम की कहानी कुछ-कुछ मध्यप्रदेश से मिलती जुलती है। वहां पायलट खफा हुए तो यहां ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia)। हालांकि राजस्थान के मामले में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की पायलट से मुलाकात के बाद कांग्रेस और पॉयलेट की सैफ लेंडिंग की गुंजाइश बढ़ गई है। लेकिन मध्यप्रदेश के मामले में ऐसा नहीं हो पाया। बगावत की खाई इतनी ज्यादा हो गई कि कांग्रेस फिर उसे पाट ही नहीं पाई। नतीजतन सिंधिया ने भाजपा का दामन थामा और राज्य में तख्तापलट हो गया।

असल में कांग्रेस से खफा होने के बाद सिंधिया की राहुल से मुलाकात नहीं हुई थी, अगर हो जाती तो शायद आज कांग्रेस सत्ता का स्वाद चखती दिखाई देती। वहीं प्रदेश की सियासत कुछ अलग हो सकती थी।

हालांकि कमलनाथ की छोटी सी चुंक उन्हें सत्ता से बाहर कर बैठी, जो उन्होंने कभी सोचा भी नही होगा। दरअसल 13 फरवरी को सिंधिया ने टीकमगढ़ में कहा कि वचन पत्र पूरा नहीं हुआ तो वे अतिथि शिक्षकों के साथ सड़क पर उतरेंगे। तत्कालीन सीएम कमलनाथ को यह बात रास नहीं आई और 14 फरवरी को कमलनाथ ने भी कह दिया, सड़क पर उतरना है तो उतर जाएं। बस यहीं से कमलनाथ को सत्ता से उतारने की इबारत लिखी जाने लगी और वही हुआ जिसका बीजेपी इंतज़ार कर रही थी।