MP: एक ‘अपराजिता’ की कहानी जिससे महिलाओं को मिलेगी संघर्ष की प्रेरणा

Tejaswani-short-film-o-bhopal-female-entrepreneur-

भोपाल। महिलाओं को लेकर एक आम धारणा सामज में बनी है कि वह पुरूषों के मुकाबले हर तरह का काम काज नहीं कर सकती हैं। लेकिन हमारे बीच कई ऐसी महिलाएं हैं जो विभिन्न क्षेत्रों में कामयाबी के झंडे गाड़ रही हैं। यही नहीं उनका संघर्ष समाज की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर रहा है। चाहें फिर खेल की बात हो, घर संभालने की बात हो या फिर अंतरिक्ष की। आज भारत की महिलाओं ने हर क्षेत्र में नाम रोशन किया है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी एक ऐसी ही महिला उद्यमी हैं जिनके साहस को काम को आज एक नया मुकाम मिल है। ये हैं अपराजिता अग्रवाल। वह प्रदेश की एक बड़ी विज्ञापन कंपनी की मालिक हैं। उन्होंने अपने संघर्ष से इस कंपनी को एक नई पहचान दिलाई और आज उन पर देश के सरकारी न्जूय चैनल दूरदर्शन द्वारा एक शार्ट फिल्म बनाई गई है। जिसका प्रसारण सोमवार की शाम 6 बजे किया जाएगा। इस कार्यक्रम का नाम है तेजसवनी।

अपराजिता अग्रवाल बताती हैं कि मीडिया के बारे जब हम बात करते हैं तो ये बहुत बड़ा महासागर है। उनका कहना है कि किसी भी चीज को खूबसूरसी से पेश करना इवेंट मैनेजमेंट कहलाता है। और उसको महिलाएं बखूबी निभाती हैं। उनका इसको देखने का एंगल अलग होता है। उन्होंने कहा कि बिजनेस में हर किसी को परेशानियोंं का सामना करना पड़ता है लेकिन अपराजिता वही होती है जो कभी नहीं हारती। वह कहती हैं कि वह कई बार डरती हैं लेकिन लड़ती हैं। महिलाओं को कभी कमजोर नहीं समझना चाहिए। 

दरअसल, दूरदर्शन के कार्यक्रम तेजसवनी में उन कहानियों को दिखाया जाता है जिनके पीछे एक संघर्ष होता है जो समजा को नया नजरिया प्रदान करती हैं। जिनसे दूसरों को भी सीख और प्रेरणा मिल सके। इस बार भोपाल की अपराजिता पर एपिसोड तैयार किया गया है। उनकी कहानी उन महिलाओं के लिए सीख साबित होती जो संघर्ष करते समय मंजिल के बेहद करीब आकर हार मान लेती हैं। क्योंकि अपराजिता के शब्दों में ही कहा जाए “अपराजिता वही होती है जो कभी नहीं हारती’।